5000 KM रेंज और आवाज से 24 गुना तेज स्पीड… भारत ने पहली इंटर कॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल अग्नि-5 का सफल परीक्षण किया

Agni-5 Testing: भारत ने अपनी पहली इंटर कॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल अग्नि-5 का सफल परीक्षण कर लिया है। ओडिशा के चांदीपुर में इंटीग्रेटेड टेस्ट रेंज में बुधवार को इसकी टेस्टिंग हुई। यह मल्टिपल इंडिपेंडेंटली टार्गेटेबल री-एंट्री व्हीकल (MIRV) टेक्नोलॉजी से लैस है। यानी इसे एक साथ कई टारगेट्स पर लॉन्च किया जा सकता है। इसका पहला परीक्षण अप्रैल 2012 में हुआ था। इसे रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) ने बनाया है। ये भारत के पास मौजूद लंबी दूरी की मिसाइलों में से एक है। यह अग्नि सिरीज की सबसे एडवांस मिसाइल है

अग्नि-V की मारक क्षमता 5000 किलोमीटर से ज्यादा है। यह आवाज से 24 गुना तेज स्पीड से उड़ान भरता है। इसकी रेंज में पूरा चीन आता है, जबकि यूरोप और अफ्रीका के कई हिस्से भी इसकी जद में हैं। मिसाइल 7500 किलोग्राम के बंकर बस्टर वॉरहेड ले जाने और जमीन में 100 मीटर की गहराई तक जाकर दुश्मनों के न्यूक्लियर सिस्टम, रडार सिस्टम, कंट्रोल सेंटर, हथियार स्टोरेज को तबाह कर सकेगी।

यह सरफेस टू सरफेस मार करने वाली देश की पहली और एकमात्र इंटर कॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल (ICBM) है। अग्नि-V की मारक क्षमता 5000 किलोमीटर से ज्यादा है। इसकी रेंज में पूरा चीन आता है, जबकि यूरोप और अफ्रीका के कई हिस्से भी इसकी जद में हैं। यह मिसाइल मल्टिपल इंडिपेंडेंटली टार्गेटेबल री-एंट्री वीइकल्स (MIRV) तकनीक से लैस है। यानी इसे एक बार लॉन्च करने पर यह एक साथ कई टार्गेट पर वार कर सकती है। अग्नि-V डेढ़ टन तक न्यूक्लियर हथियार ले जाने की क्षमता रखती है. अग्नि 5 मिसाइल तकनीक के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि है। इस मिसाइल की पूरी तकनीक, प्रोपल्शन सिस्टम, रॉकेट, एडवांस्ड नेविगेशन 100 फीसदी स्वदेशी ह

इसकी रफ्तार मैक 24 है, जो आवाज की गति से 24 गुना ज्यादा है। इस मिसाइल का लॉन्चिंग सिस्टम कैनिस्टर तकनीक पर आधारित है। इसी वजह से इसे कहीं भी आसानी से ट्रांसपोर्ट किया जा सकता है। फिलहाल भारत के अलावा दुनिया के केवल आठ देशों के पास ही इंटर कॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल (ICBM) हैं। इनमें रूस, अमेरिका, चीन, फ्रांस, इजरायल, ब्रिटेन और उत्तर कोरिया शामिल हैं।

  • रेंज 5 हजार किलोमीटर है। अग्नि- 5 बैलिस्टिक मिसाइल एक साथ कई हथियार ले जाने में सक्षम है।
  • मल्टिपल इंडिपेंडेंटली टार्गेटेबल रीएंट्री व्हीकल (MIRV) से लैस है। यानी एक साथ कई टारगेट्स के लिए लॉन्च की जा सकती है।
  • डेढ़ टन तक न्यूक्लियर हथियार अपने साथ ले जा सकती है। इसकी स्पीड मैक 24 है, यानी आवाज की स्पीड से 24 गुना ज्यादा।
  • लॉन्चिंग सिस्टम में कैनिस्टर तकनीक का इस्तेमाल किया गया है। इस वजह से इस मिसाइल को कहीं भी आसानी से ट्रांसपोर्ट किया जा सकता है।
  • इस्तेमाल भी बेहद आसान है, इस वजह से देश में कहीं भी इसकी तैनाती की जा सकती है।

आइए एक नजर डालते हैं देश के ‘अग्नि परिवार’ पर

मिसाइल रेंज
अग्नि-1 900 से 1200 किलोमीटर
अग्नि-P 1000 से 2000 किलोमीटर
अग्नि-2 2 हजार किलोमीटर से ज्यादा
अग्नि-3 3 हजार किलोमीटर से अधिक
अग्नि-4 → 4 हजार किलोमीटर से अधिक
अग्नि-5 5 हजार किलोमीटर से अधिक
अग्नि-6 5 हजार से 12 हजार किलोमीटर

अग्नि-5 एक से ज्यादा वॉरहेड ले जा सकती है

अग्नि-5 एक एडवांस्ड MIRV मिसाइल है। MIRV का अर्थ मल्टीपल इंडिपेंडेंटली-टार्गेटेबल री-एंट्री व्हीकल है। ट्रेडिशनल मिसाइल में केवल एक वॉरहेड ले जाया जा सकता है, जबकि MIRV में मल्टीपल वॉरहेड एक साथ कैरी कर सकते हैं। वॉरहेड यानी, मिसाइल का अगला भाग जिसमें विस्फोटक होते हैं। इस खासियत के मायने ये हुए कि एक दूसरे से सैकड़ों किलोमीटर दूर मौजूद कई टारगेट्स को एक ही मिसाइल के जरिए तबाह किया जा सकता है। एक ही टारगेट पर मल्टीपल वॉरहेड को एक बार में लॉन्च भी किया जा सकता है।

अग्नि-5 को बंकर बस्टर में बदलने की तैयारी

DRDO ने अग्नि-5 मिसाइल का नया नॉन न्यूक्लियर वर्जन बनाने की तैयारी शुरू कर दी है। यह मिसाइल विशेष रूप से एयरफोर्स के लिए बनाई जा रही है। इसमें करीब 8 टन का भारी वारहेड लगेगा। इसे दो तरह से इस्तेमाल किया जा सकेगा। पहला- एयरबर्स्ट यानी मिसाइल हवा में फटकर बड़े इलाके में धमाका करेगी और रनवे, एयरबेस और रडार सिस्टम तबाह कर देगी।

दूसरा- बंकर बस्टर वारहेड, जो जमीन के अंदर 80 से 100 मीटर तक घुसकर धमाका करेगा और दुश्मन के कमांड सेंटर या परमाणु हथियार रखने वाली जगह को तबाह कर देगा। इस मिसाइल की रेंज 2500 किमी है।

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