रायपुर। प्रदेश में 219 करोड़ रुपए से ज्यादा के चावल घोटाले की जांच तेज हो रही है। घोटाले की जांच के लिए बनी विधानसभा समिति अब खाद्य विभाग के अधिकारियों से पूछताछ करेगी। पिछले बजट सत्र के दौरान चावल घोटाले के लिए गठित विधानसभा जांच समिति की बैठक 18 मार्च को हुई थी।
जांच के लिए गठित समिति की ये सातवीं बैठक थी। समिति की पहली बैठक 12 अगस्त 2024 को हुई थी। इसके बाद चार, पांच, 30 सितंबर, 19 नवंबर, 11 दिसंबर 2024 को हो चुकी है। सूत्रों के अनुसार, घोटाले में संचालनालय के अधिकारियों की संदिग्ध भूमिका भी सामने आना तय बताया जा रहा है।
पिछले बजट सत्र में बनी थी जांच समिति
पिछले बजट सत्र के दौरान प्रदेश में हुए चावल घोटाले की जांच के लिए विधानसभा की समिति गठित की गई थी। पूर्व खाद्य मंत्री पुन्नूलाल मोहले और दो पूर्व मंत्री राजेश मूणत और विक्रम उसेंडी सहित कांग्रेस के लखेश्वर बघेल व संगीता सिंह को सदस्य बनाया गया है।
इस समिति के सचिव विधानसभा के सचिव दिनेश शर्मा हैं। आगे की पूछताछ के लिए खाद्य अधिकारी, निरीक्षकों सहित नान के मैनेजर, ट्रांसपोर्टर सहित राशन दुकानदारों को तलब किया जाएगा।
इन मुद्दों पर चर्चा
बैठक में राशन दुकानों के घोषणा पत्र को गायब करने सहित नियम विपरीत बाजार से चावल खरीदवाने के लिए जूम कान्फ्रेंस सहित दुकानों के प्रकरण बनाए बगैर आरआरसी वसूली का मुद्दा उठा था।
फर्जी संघ के अध्यक्ष की भी होगी जांच
कार्डधारकों की जगह दीवार की फोटो अपलोड करके एपीएल का चावल चुराने वाले संघ के फर्जी अध्यक्ष पर भी जांच का दायरा बढ़ रहा है। खमतराई और सिविल लाइन में राशन दुकान के संचालकों ने लाखों का चावल बेच दिया।
आरोपित ने एक दिन में 433 मिनट के अंदर ही 460 से ज्यादा लोगों को राशन का वितरण कर दिया था, जबकि एक व्यक्ति को राशन देने में तकरीबन पांच से 10 मिनट का समय लगता है।
फर्जी अध्यक्ष ने गरीब जनता का चावल चोरी करके कई जगह संपत्ति बना ली है। अब वह अपने बेटे के साथ मिलकर हवाला का कारोबार कर रहा है। इसकी भी शिकायत ईओडब्ल्यू में की गई है।