मालदीव में PM मोदी का स्वैगः ब्लैक चश्मे में ली धमाकेदार एंट्री, राष्ट्रपति मुइज्जू ने किया स्वागत…

PM Modi Maldives Visit: पीएम मोदी मालदीव पहुंच गए है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ब्रिटेन का दौरा खत्म कर सीधे मालदीव पहुंचे। राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू (Mohamed Muizzu) की सरकार आने के बाद पीएम मोदी का यह पहला मालदीव दौरा है। पीएम मोदी के राजधानी माले पहुंचने पर हवाईअड्डे पर राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू ने उनक गर्मजोशी से स्वागत किया। मालदीव के 60वें स्वतंत्रता दिवस समारोह में बतौर मुख्य अतिथि शामिल होने पहुंचे पीएम मोदी का स्वैग देखने को मिला। प्रधानमंत्री ने ब्लैक चश्मे में धमाकेदार एंट्री ली। राष्ट्रपति मुइज्जू ने गले लगाकर भारतीय प्रधानमंत्री का स्वागत किया।

पीएम मोदी के स्वागत के लिए राष्ट्रपति मुइज्जू के साथ-साथ उनकी कैबिनेट भी एयरपोर्ट भी मौजूद रही। इनमें मालदीव के विदेश मंत्री से लेकर रक्षा मंत्री, वित्त मंत्री और होमलैंड सिक्योरिटी मंत्री भी पीएम मोदी के स्वागत के लिए मौजूद थे।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मालदीव के 60वें स्वतंत्रता दिवस समारोह में बतौर मुख्य अतिथि शामिल होंगे। प्रधानमंत्री की यह मालदीव की तीसरी यात्रा है। पीएम मोदी की यह मालदीव यात्रा, मालदीव में राष्ट्रपति मुइज्जू के सत्ता संभालने के बाद पहली बार किसी विदेशी राष्ट्राध्यक्ष का दौरा है। मोहम्मद मुइज्जू सरकार के कार्यकाल में यह यात्रा इसलिए भी अहम है, क्योंकि यह दोनों देशों के संबंधों में आए तनाव के बाद पहली बार हो रही है। प्रधानमंत्री मोदी की पिछली मालदीव यात्रा जून 2019 में हुई थी।

प्रधानमंत्री के दौरे को लेकर भारतीय समुदाय उत्साहित

पीएम मोदी के दौरे को लेकर मालदीव में रहने वाले भारतीय समुदाय के लोग बेहद उत्साहित हैं। एक भारतीय समुदाय के व्यक्ति ने बताया कि ‘पीएम मोदी आज यहां आ रहे हैं और हम उनका स्वागत करने के लिए उत्साहित हैं। मैं यहां बीते 24 वर्षों से रह रहा हूं। मेरे लिए मालदीव दूसरे घर की तरह है।

भारतीय लोगों का दिल बड़ा है

प्रधानमंत्री मोदी की दो दिवसीय मालदीव यात्रा पर मालदीव के पूर्व विदेश मंत्री अब्दुल्ला शाहिद ने कहा, ‘मालदीव और भारत के बीच संबंधों ने हमेशा यह दिखाया है कि भारत पहली प्रतिक्रिया देने वाला देश है। जब भी हम अंतरराष्ट्रीय लाइन पर डायल करते हैं, भारत सबसे पहले प्रतिक्रिया देता है। इसके कई कारण हैं। सबसे पहला और सबसे महत्वपूर्ण कारण यह है कि भारतीय लोगों का दिल बड़ा है और वे मालदीव की सहायता के लिए हमेशा तैयार रहते हैं, वे बहुत उदार हैं। दूसरा, भारत भौगोलिक रूप से मालदीव के बहुत करीब है। जब भी मालदीव में कोई आपात और संकटपूर्ण घटना होती है, भारत ने हमें कभी निराश नहीं किया है। भारत सरकार द्वारा मालदीव की सहायता में वृद्धि उनकी उदारता और परिपक्वता को दर्शाती है। कूटनीतिक तनाव के बावजूद, भारत ने फैसला किया कि संबंध लोगों के बीच है और सरकारें बदलती रहती हैं, सत्ता में राजनीतिक दल बदलते रहते हैं लेकिन हमारे दोनों लोगों के बीच मौजूद संबंध ठोस आधार पर हैं और कभी नहीं बदले हैं।’

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