जनधन खाताधारकों के लिए जरूरी खबर: 30 सितंबर तक Re-KYC करवाना जरूरी, RBI ने किया ऐलान

RBI New Rules 2025: 10 साल पहले जिन जन-धन खातों ने लाखों गरीबों को पहली बार बैंकिंग व्यवस्था से जोड़ा था, अब उन्हीं खातों की दोबारा जांच का वक्त आ गया है. RBI ने बड़ा कदम उठाते हुए बैंकों को निर्देश दिया है कि वे 1 जुलाई से 30 सितंबर तक ग्राम पंचायत स्तर पर विशेष कैंप लगाएं, जहां जन-धन खातों का री-केवाईसी (KYC अपडेट) मुफ्त में किया जाएगा.

इस निर्देश के पीछे दो प्रमुख उद्देश्य हैं पहला, बैंक खातों को धोखाधड़ी से सुरक्षित रखना, और दूसरा, यह सुनिश्चित करना कि 10 साल पहले खुले खाते अब भी वैध जानकारी से जुड़े हुए हैं.

अब हर दस्तावेज की दोबारा जांच होगी (RBI New Rules 2025)

जन-धन योजना की शुरुआत 2014 में हुई थी, और कई खातों में उस समय केवल सीमित या बेसिक KYC डॉक्युमेंट्स लिए गए थे. RBI का कहना है कि जिन खातों की KYC वैधता अब समाप्त हो चुकी है, उन्हें री-केवाईसी कराना अनिवार्य होगा ताकि खाता सक्रिय रह सके.

इस अभियान के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में मौजूद बैंक उपभोक्ताओं को न केवल KYC अपडेट करने का मौका मिलेगा, बल्कि वे नए खाते खोलने, बीमा योजनाओं से जुड़ने और वित्तीय सेवाओं की जानकारी भी मुफ्त में प्राप्त कर सकेंगे.

जिसने खाता खोला, वह अब नहीं रहा… तो पैसा कैसे मिलेगा? (RBI New Rules 2025)

RBI ने मृत खाता धारकों के दावों से जुड़ी प्रक्रिया को भी नया रूप दिया है. अभी तक हर बैंक की अपनी प्रक्रिया थी, जिससे मृतक के परिवार को भारी कागज़ी कार्यवाही और देरी का सामना करना पड़ता था.

अब RBI एक समान प्रक्रिया (Uniform Process) लागू करने जा रहा है, जिसमें सभी बैंकों को एक जैसी गाइडलाइंस, दस्तावेज़ और प्रक्रियाएं अपनानी होंगी. चाहे दावेदार नॉमिनी हो, कानूनी वारिस हो या परिवार का कोई सदस्य, अब दावा करना आसान और तेज़ हो जाएगा.

सरकारी बॉन्ड में निवेश अब बिना क्लिक के, खुद-ब-खुद (RBI New Rules 2025)

RBI ने रिटेल निवेशकों के लिए एक और बड़ा ऐलान किया है. अब ‘रिटेल डायरेक्ट पोर्टल’ पर एक नया ऑटो-बिडिंग फीचर शुरू किया गया है, जिससे लोग सरकारी बॉन्ड्स (T-बिल्स) में एक बार सेटिंग करके बार-बार निवेश कर सकेंगे.

इस सुविधा से निवेशक फ्रेश इन्वेस्टमेंट्स और री-इन्वेस्टमेंट्स के लिए अपनी बोली स्वचालित रूप से सेट कर पाएंगे. इससे न केवल समय बचेगा, बल्कि निवेश की निरंतरता भी बनी रहेगी — खासकर उन लोगों के लिए जो हर हफ्ते या महीने निवेश करना चाहते हैं.

RBI के ये तीन फैसले इस ओर इशारा करते हैं कि भारत की वित्तीय व्यवस्था अब परिपक्वता की दिशा में अग्रसर है. जहां एक ओर ग्रामीण खातों की दोबारा जांच की जाएगी, वहीं दूसरी ओर मृतकों की जमा पूंजी उनके परिवार तक न्यायपूर्वक और पारदर्शिता के साथ पहुंचेगी.

और सबसे बड़ी बात, अब आम आदमी भी सरकारी निवेशों में टेक्नोलॉजी की मदद से आसानी से भागीदारी कर सकेगा, वो भी बिना किसी झंझट के.

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

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