रायपुर। छत्तीसगढ़ में गोधाम योजना शुरू करने को लेकर कांग्रेस ने सरकार पर हमला बोला है. पूर्व मंत्री डॉ. शिव डहरिया ने तंज कसते हुए कहा, बीजेपी ने हमारी गोधन न्याय योजना और गोठान को बंद कर दिया. अब गोधाम योजना की शुरुआत करने जा रही है. सरकार 10 रुपए में चारा देने की बात कह रही है. ये लोग चारा के नाम पर भ्रष्टाचार करने वाले हैं. यह योजना सफल नहीं हो पाएगी. छत्तीसगढ़ में बंद गोठान का उपयोग करना चाहिए.
वोट चोरी को लेकर सियासत गरमाई हुई है. पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने कहा, चुनाव आयोग के माध्यम से भाजपा वोट चोरी का काम कर रही है. पहले मशीनों से चाेरी करने का शक था, लेकिन मतदाता सूची में भी गड़बड़ी कर रहे. हमने डिजिटल मतदाता सूची की मांग की है. छत्तीसगढ़ में जिलेवार जो भी घटनाएं हुई उसका परीक्षण करेंगे और वोट चोरी का मामला उजागर करेंगे, ताकि प्रजातंत्र जिंदा रहे और लोकतंत्र में वोट चोरी ना हो.
पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने गोधाम न्याय योजना चालू करने को लेकर कहा, हमारी सरकार थी तो हम लोगों ने गोधन न्याय योजना शुरू की थी. गौठानों का निर्माण हम लोगों ने किया था. प्रत्येक गांव में गौठान बने हुए हैं, लेकिन भाजपा सरकार आने के बाद गोधन योजना बंद कर दी गई. इसका सीधा असर भी दिख रहा. मवेशी सड़कों पर आ गए हैं, इसलिए भाजपा सरकार योजना का नाम बदलकर गोधाम योजना शुरू कर रही है और 10 रुपए में प्रत्येक गाय को चारा देने की बात कही जा रही. 10 रुपए में आज के समय में चारा मिलता है क्या, 10 रुपए में चाय की आधी कप नहीं मिल पा रही है ऐ लोग जानवरों को 10 रुपए में चारा कहां से उपलब्ध कराएंगे. चारा के नाम से खुद भ्रष्टाचार करने की बात कर रहे हैं. उनकी योजना सफल नहीं होने वाली है. सरकार को गोठान का उपयोग करना चाहिए.
शिव डहरिया ने कहा, जिस राज्य में भाजपा की सरकार है वहां धर्मांतरण हो रहा है. भाजपा के लोग गुंडों की तरह व्यवहार कर रहे हैं. किसी भी जाति और धर्म के स्थान पर धार्मिक कार्य हो रहे हैं वहां पर भी जाकर हुड़दंग कर रहे हैं. मारपीट कर रहे हैं तो यह निश्चित रूप से धार्मिक स्वतंत्रता पर आघात है. लोगों को अपने धर्म को मानने की जो स्वतंत्रता है वह लोगों को मिलनी चाहिए. भाजपा अपराधियों को पूरा संरक्षण दे रही है.
गुटबाजी के सवाल पर पूर्व मंत्री डहरिया ने कहा, कांग्रेस में गुटबाजी कहीं नहीं है. गुटबाजी तो भारतीय जनता पार्टी में है. मंत्रिमंडल का विस्तार नहीं हो पा रहा है. एक नेता दूसरे नेता से लड़ रहे हैं. भ्रष्टाचार चरम सीमा पर है. कानून व्यवस्था की स्थिति खराब है. आने वाले चुनाव में इसका असर देखने को मिलेग