‘इथियोपिया शेरों की धरती है…,’ पीएम मोदी ने इथियोपियाई संसद को संबोधित किया…

PM Modi Speech In Ethiopia Parliament: पीएम नरेंद्र मोदी इथियोपिया के दौरे पर हैं। दौरे से अंतिम कार्यक्रम के रूप में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इथियोपिया की संसद को संबोधित किया। उन्होंने इथियोपिया की संसद को संबोधित करते हुए इसे अपने लिए और देश के लिए गर्व की बात बताया। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि लोकतंत्र के मंदिर में आना मेरे लिए सम्मान की बात है। मोदी ने कहा कि मुझे इथियोपिया आकर बहुत अच्छा लग रहा है। यह शेरों की धरती है। यहां मुझे अपने घर जैसा महसूस हो रहा है, क्योंकि मेरा गृहराज्य गुजरात भी शेरों की धरती है। यह दुनिया की 18वीं संसद है, जहां प्रधानमंत्री मोदी ने भाषण दिया है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अदीस अबाबा में इथियोपिया की संसद के संयुक्त सत्र को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि आज आपके सामने खड़ा होना मेरे लिए बड़े सम्मान और सौभाग्य की बात है। प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि उन्हें कल इथियोपिया के सर्वोच्च सम्मान ‘ग्रेट ऑनर निशान ऑफ इथियोपिया’ से नवाजा गया, जिसे वह भारत के लोगों की ओर से विनम्रता और हाथ जोड़कर स्वीकार करते हैं।

इससे पहले मंगलवार को पीएम नरेंद्र मोदी को इथियोपिया का सर्वोच्च सम्मान दिया गया। अदीस अबाबा में अंतरराष्ट्रीय सम्मलन केंद्र में आयोजित एक विशेष समारोह में PM अबी अहमद अली (Abiy Ahmed Ali) ने प्रधानमंत्री मोदी को इथियोपिया का सर्वोच्च सम्मान ‘द ग्रेट ऑनर निशां ऑफ इथियोपिया’ (The Great Honour Nishan of Ethiopia) नवाजा। इसी के साथ ही पीएम मोदी ‘द ग्रेट ऑनर निशां ऑफ इथियोपिया’ पाने वाले पहले ग्लोबल लीडर बन गए हैं। इथियोपिया का यह सर्वोच्च सम्मान पीएम मोदी को दिया गया 28वां विदेशी राजकीय पुरस्कार है।

‘हमारा वंदे मातरम और इथियोपिया का राष्ट्रगान एक जैसा’

पीएम मोदी ने कहा कि भारत का राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम और इथियोपिया का राष्ट्रगान, दोनों ही हमारी धरती को मां के रूप में संबोधित करते हैं। ये हमें अपनी विरासत, संस्कृति और सुंदरता पर गर्व करना सिखाते हैं और मातृभूमि की रक्षा के लिए प्रेरित करते हैं।  प्रधानमंत्री ने कहा कि वह इथियोपिया की संसद, यहां के लोगों और देश की लोकतांत्रिक यात्रा के प्रति गहरा सम्मान लेकर आए हैं और भारत के 1.4 अरब लोगों की ओर से मित्रता, सद्भाव और भाईचारे का संदेश देते हैं।

‘भारत के लोगों की ओर से सम्मान को स्वीकार करता हूं’

उन्होंने कहा कि इसी भवन में कानून बनते हैं, यहां जनता की इच्छा राज्य की इच्छा बनती है और जब राज्य की इच्छा जनता की इच्छा से मेल खाती है, तभी विकास की गाड़ी आगे बढ़ती है। पीएम मोदी ने कहा कि इस मंच के माध्यम से वह खेतों में काम कर रहे किसानों, नए विचार गढ़ रहे उद्यमियों, समुदायों का नेतृत्व कर रही महिलाओं और इथियोपिया के उस युवा वर्ग से भी संवाद कर रहे हैं, जो देश का भविष्य गढ़ रहा है।

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