
जिले में “ज़ीरो घटना – ज़ीरो दुर्घटना” का लक्ष्य पूर्णतः साकार
राजनांदगांव(दैनिक पहुना)। जिले में शांति, कानून-व्यवस्था एवं जनसुरक्षा सुनिश्चित करने हेतु पुलिस अधीक्षक सुश्री अंकिता शर्मा के निर्देशन में, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मुकेश ठाकुर, राहुल देव शर्मा, सीएसपी वैशाली जैन, डीएसपी पुष्पेंद्र नायक, आशीष कुंजाम, एंब्रोज कुजूर, तनुप्रिया ठाकुर, दिलीप सिंह सिसोदिया, समस्त निरीक्षक गण एवं पुलिस के आधार स्तंभ सभी आरक्षक, प्रधान आरक्षक, एएसआई एवं सब इंस्पेक्टर्स की मेहनत से, संपूर्ण जिले को विभिन्न सेक्टरों में विभाजित कर राजपत्रित अधिकारियों के पर्यवेक्षण में प्रभावी सुरक्षा प्रबंधन लागू किया गया।
नववर्ष के दौरान 09 राजपत्रित अधिकारी, 20 निरीक्षक एवं लगभग 600 पुलिस अधिकारी–कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई। राष्ट्रीय राजमार्ग को चार सेक्टरों में विभाजित कर 60 पुलिस कर्मियों की विशेष टीम तैनात की गई, जिन्होंने हाईवे पर यातायात नियंत्रण, दुर्घटना रोकथाम एवं संदिग्ध गतिविधियों पर सतत निगरानी रखी। जिले में 08 नाकाबंदी पॉइंट्स स्थापित किए गए तथा 16 अतिरिक्त फिक्स्ड चेकिंग पॉइंट्स के माध्यम से संदिग्ध आवागमन की सघन जांच और यातायात नियमों का कड़ाई से पालन कराया गया। मंगटा क्षेत्र में 30 एवं 31 दिसंबर तथा 01 जनवरी को 24 घंटे के लिए मोबाइल चेक पोस्ट स्थापित कर विशेष निगरानी रखी गई।
कानून-व्यवस्था बनाए रखने हेतु संवेदनशील क्षेत्रों, भीड़-भाड़ वाले स्थानों, पर्यटन एवं सार्वजनिक स्थलों पर ड्रोन कैमरों एवं अन्य आधुनिक तकनीकी संसाधनों के माध्यम से सतत निगरानी की गई। विशेष टीमों द्वारा होटल, ढाबा, रेस्टोरेंट एवं सार्वजनिक स्थलों पर अवैध शराब सेवन, हुड़दंग एवं अन्य असामाजिक गतिविधियों के विरुद्ध सख़्त कार्रवाई की गई। साथ ही जिले में चिन्हांकित गुंडा-बदमाशों, निगरानी बदमाशों एवं आदतन अपराधियों के विरुद्ध निरंतर प्रतिबंधात्मक कार्रवाई कर उनकी गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी गई, जिससे किसी भी अप्रिय घटना को पूर्व में ही रोका जा सका।
सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम को प्राथमिकता देते हुए 60 पुलिस कर्मियों की विशेष यातायात टीम तैनात की गई। दिनांक 31 दिसंबर को मोटर व्हीकल एक्ट के अंतर्गत कुल 123 प्रकरण दर्ज किए गए, जिनमें शराब पीकर वाहन चलाने के 10 प्रकरण शामिल हैं। काली फिल्म/ब्लैक शीट, ओवरस्पीडिंग एवं अन्य यातायात उल्लंघनों पर सख़्ती से कार्रवाई की गई तथा दुर्घटना संभावित ब्लैक स्पॉट्स की पहचान कर वहाँ विशेष निगरानी एवं जनजागरूकता अभियान संचालित किए गए, जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आए।
किसी भी आपात स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने हेतु जिला अस्पताल के समन्वय से 50 पुलिस कर्मियों को सीपीआर एवं फर्स्ट-एड का प्रशिक्षण प्रदान किया गया। पुलिस अधीक्षक कार्यालय द्वारा 25 प्राथमिक उपचार किट पुलिस वाहनों एवं पेट्रोलिंग पार्टियों को उपलब्ध कराई गईं। प्रशासन के समन्वय से एंबुलेंस सेवाएं तैनात की गईं तथा नववर्ष के मद्देनज़र विभिन्न थानों को अतिरिक्त वाहन उपलब्ध कराए गए। जिले में पैदल गश्त, बाइक पेट्रोलिंग एवं वाहन पेट्रोलिंग लगातार जारी रही।
01 जनवरी के अवसर पर पर्यटन स्थलों, मंदिरों, बांधों, पिकनिक स्पॉट्स एवं अन्य सार्वजनिक स्थानों पर विशेष पुलिस बल की तैनाती की गई है। डोंगरगढ़ मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की सुविधा एवं सुरक्षा हेतु अतिरिक्त पुलिस सहायता केंद्र स्थापित किया गया। होटल, ढाबा एवं रेस्टोरेंट संचालकों को सीसीटीवी कैमरे सक्रिय रखने, संदिग्ध गतिविधियों की तत्काल सूचना पुलिस को देने एवं परिसरों के दुरुपयोग को रोकने संबंधी निर्देशों का सख़्ती से पालन कराया गया तथा कार रेंटल सेवाओं को वाहन देने से पूर्व समुचित सत्यापन अनिवार्य किया गया।
नववर्ष के अवसर पर नागरिकों की सुविधा हेतु विशेष हेल्पलाइन नंबर 9479246435 तथा पुलिस कंट्रोल रूम नंबर 9479192199 पूरी तरह सक्रिय रहे। पुलिस द्वारा की गई इन सभी पहलों, अनुशासित पुलिसिंग, आधुनिक तकनीक के उपयोग एवं आम नागरिकों के सहयोग के परिणामस्वरूप नववर्ष 2026 जिले में सुरक्षित, शांतिपूर्ण एवं उल्लासपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ।




