वंदे भारत एक्सप्रेस में महिला TTE को टिकट जांच की जिम्मेदारी,इसलिए लिया गया बड़ा फैसला

बिलासपुर। साल के पहले दिन गुरुवार को वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन में बिलासपुर रेल मंडल ने एक नई व्यवस्था की है। इसके तहत टिकट जांच का जिम्मा महिला टीटीई को सौंपी गई है। दो पुरुष के साथ तीन महिला कर्मचारियों ने इस ट्रेन में नागपुर तक टिकट जांच की और वापसी में इस जिम्मेदारी का निर्वहन किया। एक और महिला टीटीई की इसमें ड्यूटी लगाने का निर्णय है।

वंदे भारत ट्रेन रेलवे की विशेष ट्रेन है। आधुनिक सुविधाओं से लैस इस ट्रेन की व्यवस्थाएं भी अन्य ट्रेनों से अलग होती हैं। यात्रियों को इसमें सफर करना खूब पसंद आता है। विशेषताओं में एक ट्रेन में टिकट जांच करने वाले टीटीई भी है, जिनके ड्रेस का रंग व डिजाइन राजधानी एक्सप्रेस की तरह होती है। टीटीई को इसी यूनिफार्म में टिकट जांच करनी होती है।

इनको पहले दिन मिली जिम्मेदारी

रेलवे ने साल के पहले दिन जिन चार महिला कर्मचारियों की टिकट जांच में ड्यूटी लगाई, उनमें नेहा गुजर, निशा सिन्हा, प्रीति व प्रियंका यादव शामिल हैं। सभी कोर्ट टाई वाले इस यूनिफार्म को पहनकर ट्रेन में पहुंचीं। उनके हाथों में वाकी-टाकी व जांच के अन्य जरूरी साधन थे। इस ट्रेन में सफर करने वाले यात्रियों के लिए यह नया था।

तीनों टीटीई अब नियमित इस ट्रेन में ड्यूटी करेंगी। महिलाओं की ड्यूटी होने से एक लाभ यह होता है कि यात्री बेवजह विवाद नहीं करते और बिना आपत्ति के टिकट जांच भी कराते हैं।

महिला दिवस तक सभी टीटीई महिलाएं

रेल मंडल पर यह प्रयास कर रहा है कि आठ मार्च महिला दिवस तक इस ट्रेन में केवल महिला टिकट जांच स्टाफ ही तैनात रहे। इस ट्रेन के परिचालन की खास बात यह है कि सुबह छूटकर शाम 7:30 बजे तक नागपुर से बिलासपुर लौट आती है। इससे महिला टीटीई को ड्यूटी करने में आसानी होगी और रेलवे अपनी मंशा के अनुसार इस ट्रेन का और खास बना लेगी।

सप्ताह में छह दिन परिचालन

वंदे भारत एक्सप्रेस बिलासपुर से नागपुर के बीच सप्ताह में छह दिन चलती है। शनिवार को परिचालन बंद रहता है। इस दिन ट्रेन की मेंटेनेंस व सफाई के कार्य किए जाते हैं। अब तो कोचिंग डिपो के पास इस ट्रेन के मेंटेनेंस के लिए अलग से शेड बनाया जा रहा है, जहां वाशिंग लाइन से लेकर अन्य सुविधाएं रहेंगी।

ह हैं मुख्य उद्देश्य

विवाद होने की संभावना कम रहती है।

ट्रेन में अकेले सफर करने वाले महिला यात्रियों के बीच भरोसा बढ़ेगा।

महिला यात्री अपनी परेशानियां आसानी से साझा कर सकती हैं।

विशेष ट्रेन की बनेगी खास पहचान।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!