
धर्म डेस्क। हिंदू धर्म और ज्योतिष शास्त्र में बेहद महत्वपूर्ण माने जाने वाले सूर्य देव का राशि परिवर्तन इस वर्ष आज यानि 14 जनवरी 2026 को होने जा रहा है। सूर्य देव धनु राशि से निकलकर अपने पुत्र शनि की राशि ‘मकर’ में प्रवेश करेंगे, जिसे देशभर में मकर संक्रांति के महापर्व के रूप में मनाया जाता है।
ज्योतिषविदों के अनुसार, सूर्य का यह गोचर विशेष रूप से सिंह, कन्या, तुला और वृश्चिक राशि के जातकों के जीवन में महत्वपूर्ण बदलाव और नई जिम्मेदारियां लेकर आ रहा है। आइए जानते हैं करियर, स्वास्थ्य और भाग्य पर इसका विस्तृत प्रभाव।
1. सिंह राशि (Leo)
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सिंह राशि के स्वामी स्वयं सूर्य देव हैं। इस गोचर के दौरान सूर्य आपके छठे भाव (प्रतिस्पर्धा और शत्रु) में रहेंगे।
प्रभाव – आपको अपने विरोधियों पर जीत हासिल होगी। कार्यस्थल पर आ रही चुनौतियों को हल करने में आप सफल रहेंगे। सेहत के प्रति अनुशासन बढ़ेगा।
सावधानी – बारहवें भाव पर दृष्टि के कारण अनावश्यक खर्चों में वृद्धि हो सकती है।
विशेष उपाय – जरूरतमंदों की निस्वार्थ सेवा करें और फिजूलखर्ची पर लगाम लगाएं।
2. कन्या राशि (Virgo)
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कन्या राशि के लिए सूर्य पंचम भाव (बुद्धि और शिक्षा) में गोचर करेंगे।
प्रभाव – छात्रों और क्रिएटिव फील्ड से जुड़े लोगों को कड़ी मेहनत का फल मिलेगा। एकादश भाव पर दृष्टि होने से सही नेटवर्किंग के जरिए भविष्य में लाभ के द्वार खुलेंगे।
सावधानी – सफलता पाने के लिए धैर्य और निरंतरता बनाए रखना अनिवार्य है।
विशेष उपाय – जरूरतमंद बच्चों को स्टेशनरी या किताबें दान करें।
3. तुला राशि (Libra)
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तुला राशि के जातकों के लिए सूर्य चतुर्थ भाव (सुख-सुविधा और परिवार) में गोचर करेंगे।
प्रभाव – पारिवारिक जिम्मेदारियां बढ़ेंगी, लेकिन प्रॉपर्टी या पैतृक सहयोग से लाभ के योग हैं। दशम भाव पर सूर्य की दृष्टि करियर में आपकी धाक जमाएगी और आपको नई पहचान दिलाएगी।
सावधानी – घर और काम के बीच संतुलन बनाए रखने की जरूरत होगी।
विशेष उपाय – रविवार के दिन घर के मुख्य द्वार पर दीपक जलाएं और शांति का माहौल रखें।
4. वृश्चिक राशि (Scorpio)
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वृश्चिक राशि के लिए सूर्य तृतीय भाव (साहस और संवाद) में गोचर कर रहे हैं।
प्रभाव – करियर के मोर्चे पर आप बड़े फैसले लेने में सक्षम होंगे। आपका आत्मविश्वास बढ़ेगा और संवाद शैली प्रभावी होगी। नवम भाव पर दृष्टि होने से भाग्य का साथ और बड़ों का मार्गदर्शन प्राप्त होगा।
सावधानी – आत्मविश्वास को अहंकार में न बदलने दें; वरिष्ठों से टकराव से बचें।
विशेष उपाय – अपने गुरुजनों और बड़ों का सम्मान करें।
मकर संक्रांति का यह गोचर कर्म और अनुशासन का संदेश लेकर आता है। सूर्य का प्रकाश उन लोगों के लिए विशेष फलदायी होगा जो अपनी जिम्मेदारियों को ईमानदारी से निभाने के लिए तैयार हैं।
