धान शॉर्टेज को लेकर विवादित बयान देने वाले DMO सस्पेंड, चूहे को बताया था धान की कमी का जिम्मेदार

कवर्धा. 7 करोड़ के सरकारी धान को चूहों द्वारा खाने वाला बयान देकर सुर्खियों में रहने वाले डीएमओ अभिषेक मिश्रा के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए उन्हें निलंबित कर दिया गया है. छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी विपणन संघ मर्यादित ने माना कि उनके बयान से विभाग की छवि धूमिल हुई है. बिना तथ्यात्मक पुष्टि गलत बयान देने को विपणन सहकारी संघ कर्मचारी सेवा नियमावली की कंडिका-18 का उल्लंघन पाया गया है.

क्या है पूरा मामला ?

वर्ष 2024-25 में समर्थन मूल्य पर किसानों से खरीदे गए धान का भंडारण किया गया था. जिले के दो संग्रहण केंद्र बाजार चारभाठा और बघर्रा में कुल 7 लाख 99 हजार क्विंटल धान रखा गया था. जब धान के उठाव के बाद मिलान किया गया तो इन दोनों केंद्रों से 26 हजार क्विंटल धान की कमी पाई गई. इसमें अकेले बाजार चारभाठा संग्रहण केंद्र से 22 हजार क्विंटल धान गायब मिला, जिसकी कीमत करीब 7 करोड़ रुपये बताई जा रही है. डीएमओ अभिषेक मिश्रा ने कहा था कि संग्रहण केंद्र प्रभारी प्रितेश पांडेय को हटा दिया गया है. जो धान की कमी सामने आई है वह मौसम के प्रभाव और चूहे, दीमक व कीड़ों द्वारा नुकसान के कारण हुई है. पूरे प्रदेश के 65 संग्रहण केंद्रों की तुलना में हमारे जिले की स्थिति बेहतर है.

डीएमओ का ‘चूहों’ वाला बयान बना निलंबन की वजह

डीएमओ अभिषेक मिश्रा के निलंबन का आदेश रायपुर में विभाग के एमडी की ओर से जारी किया गया है. आदेश में लिखा गया है कि डीएमओ अभिषेक मिश्रा द्वारा मीडिया के समक्ष तथ्यों का सम्यक रूप से बिना पुष्टि किये गलत जानकारी प्रस्तुत की गई है. जो विपणन संघ कर्मचारी सेवानियम की कंडिका – 18 का उल्लंघन है. इससे छत्तीसगढ़ शासन एवं जिला प्रशासन की छवि धुमिल हुई है. छ.ग. राज्य सहकारी विपणन संघ के सेवानियम की कंडिका – 27 (1) के तहत उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाता है. इस दौरान उनका मुख्यालय जिला विपणन कार्यालय बिलासपुर रहेगा और निर्वाह भत्ता प्राप्त करने की पात्रता रहेगी.

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