2023 की हिंसा से जुड़ा था मामला
8 अप्रैल 2023 को बिरनपुर गांव में दो समुदायों के बीच हिंसक झड़प हुई थी, जिसमें 23 वर्षीय भुनेश्वर साहू की हत्या कर दी गई थी। इसके कुछ दिन बाद, 11 अप्रैल को शक्तिघाट क्षेत्र में रहीम मोहम्मद और उनके बेटे ईदुल मोहम्मद के शव बरामद हुए थे। पुलिस ने इस दोहरे हत्याकांड में 17 लोगों को गिरफ्तार किया था।
52 गवाहों के बयान, पर नहीं मिला समर्थन
द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश साक्षी दीक्षित की अदालत में सुनवाई के दौरान कुल 52 गवाहों के बयान दर्ज किए गए। अदालत ने अपने फैसले में कहा कि स्वतंत्र गवाहों ने अभियोजन पक्ष का समर्थन नहीं किया, जिसके चलते आरोप साबित नहीं हो सके और सभी आरोपितों को बरी कर दिया गया।
राजनीतिक असर भी रहा
बिरनपुर हिंसा का असर प्रदेश की राजनीति पर भी पड़ा था। 2023 के विधानसभा चुनाव में साजा सीट से भुनेश्वर साहू के पिता ईश्वर साहू को भाजपा ने प्रत्याशी बनाया था। उन्होंने तत्कालीन मंत्री रविंद्र चौबे को पराजित किया था।
घटना उस समय हुई थी जब प्रदेश में भूपेश बघेल के नेतृत्व में कांग्रेस सरकार थी। सत्ता परिवर्तन के बाद मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मामले की सीबीआई जांच के आदेश दिए थे।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अदालत के फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह न्यायालयीन प्रक्रिया है और न्यायालय स्वतंत्र रूप से अपना कार्य करता है।

