चावल भारत में सबसे अधिक खाया जाने वाला अनाज है, और इसके बिना खाना पूरा ही नहीं होता है।लेकिन इसे सही तरीके से पकाना भी बहुत जरूरी है. बहुत से लोग जल्दबाजी में चावल धोते ही तुरंत उबाल देते हैं. एक्सपर्ट्स का कहना है कि ऐसा करना सही नहीं है. चावल को पकाने से पहले पानी में भिगोना न केवल उसकी पौष्टिकता बढ़ाता है, बल्कि ब्लड शुगर और पाचन संबंधी फायदे भी देता है आइए जानते हैं की क्यो चावल को भीगा के बनान चाहिए.

पाचन में आसान
चावल को 20–30 मिनट (या सफेद चावल के लिए 30 मिनट और ब्राउन राइस के लिए 1–2 घंटे) भिगोने से उसके दाने मुलायम हो जाते हैं. इससे वह जल्दी पकता है और पेट पर कम बोझ डालता है. जिन लोगों को गैस, अपच या एसिडिटी की समस्या रहती है, उनके लिए यह तरीका बेहतर है.
पोषक तत्वों का बेहतर अवशोषण
चावल में प्राकृतिक रूप से फाइटिक एसिड (Phytic Acid) पाया जाता है, जो आयरन, जिंक और मैग्नीशियम जैसे खनिजों के अवशोषण में बाधा डाल सकता है. भिगोने से इसकी मात्रा कुछ हद तक कम हो जाती है, जिससे शरीर पोषक तत्वों को बेहतर तरीके से ग्रहण कर पाता है.
ब्लड शुगर कंट्रोल में मदद
भिगोने से चावल का स्टार्च संरचना में हल्का बदलाव आता है. इससे पकने के बाद उसका ग्लाइसेमिक प्रभाव थोड़ा कम हो सकता है, जो मधुमेह के मरीजों के लिए फायदेमंद हो सकता है.
जल्दी और समान रूप से पकता है
भिगोया हुआ चावल जल्दी पकता है और दाने अलग-अलग व फूले हुए बनते हैं. इससे गैस और समय दोनों की बचत होती है.
स्वाद और बनावट बेहतर
भिगोने से चावल की खुशबू और टेक्सचर बेहतर हो जाता है – खासकर बासमती जैसे लंबे दाने वाले चावल में.
चावल भिगोने का सही तरीका
- चावल को पहले 2–3 बार साफ पानी से धो लें.
- फिर पर्याप्त पानी में भिगो दें.
- सफेद चावल:20–30 मिनट
- बासमती चावल: 30 मिनट
- ब्राउन राइस: 1–2 घंटे
- भिगोया हुआ पानी फेंककर ताजे पानी में पकाएं.

