शहर के एक आलीशान होटल में साइबर फ्रॉड का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। एमसीए की डिग्री हासिल कर चुका 26 वर्षीय युवक बिना कोई पैसे दिए करीब 5 महीने तक होटल में ठहरा रहा। पुलिस के अनुसार, होटल से जाते समय आरोपी ने 6 लाख रुपये से ज्यादा के बिल का भुगतान करने का फेक स्क्रीनशॉट होटल स्टाफ को भेजा, जिससे होटल प्रशासन को विश्वास हो गया कि भुगतान हो चुका है। बाद में इस धोखाधड़ी का खुलासा होने पर पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
होटल मालिकों और कर्मचारियों के अनुसार, यह मामला साइबर फ्रॉड का ऐसा उदाहरण है जिसने उन्हें भी हक्का-बक्का कर दिया। पुलिस ने मामले में जांच शुरू कर दी है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आरोपी ने ऐसा करने के लिए कौन-कौन से ऑनलाइन और डिजिटल हथकंडे अपनाए।
पुलिस के मुताबिक, जब होटल प्रबंधन ने बैंक स्टेटमेंट की जांच की तो पाया कि आरोपी द्वारा भेजे गए भुगतान के स्क्रीनशॉट के बावजूद खाते में कोई रकम क्रेडिट नहीं हुई थी। इसके बाद होटल की शिकायत पर सेक्टर 53 थाना में एफआईआर दर्ज की गई और आरोपी को पकड़ लिया गया। गिरफ्तार युवक की पहचान सोहना निवासी हिमांशु (26) के रूप में हुई है, जिसके पास कंप्यूटर एप्लीकेशन (MCA) में पोस्टग्रेजुएट डिग्री है। पुलिस के अनुसार, वह ‘माई फेम’ ऐप पर एक यूट्यूब चैनल को प्रमोट करने का काम करता था।
16 बार पेमेंट कर स्क्रीनशॉट वॉट्सऐप पर किए शेयर
डीएलएफ फेज 5, गोल्फ कोर्स रोड स्थित एक होटल और सर्विस अपार्टमेंट में साइबर फ्रॉड का मामला सामने आया है। पुलिस के मुताबिक, होटल ऑपरेटर तपिश कुमार ने शिकायत दी कि आरोपी हिमांशु (26) अक्टूबर 2025 से होटल में रह रहा था। होटल के अनुसार, हिमांशु ने 24 फरवरी तक रहने के चार्ज के तौर पर कुल 16 बार भुगतान करने का दावा किया और हर बार उसके स्क्रीनशॉट व्हाट्सऐप पर शेयर किए। हालांकि, जांच में यह सामने आया कि ये सभी पेमेंट फर्जी थे और होटल के बैंक खाते में किसी भी ट्रांजेक्शन की रकम नहीं आई।
इस धोखाधड़ी के खुलासे के बाद सेक्टर 53 थाना में एफआईआर दर्ज की गई और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस अब यह जांच कर रही है कि हिमांशु ने इस फ्रॉड को अंजाम देने के लिए कौन-कौन से डिजिटल तरीके और ऐप्स का इस्तेमाल किया।
24 फरवरी को होटल से किया चेकआउट
डीएलएफ फेज 5 इलाके के एक होटल और सर्विस अपार्टमेंट में साइबर फ्रॉड का मामला सामने आया है। होटल ऑपरेटर तपिश कुमार ने पुलिस को शिकायत में बताया कि अक्टूबर 2025 से होटल में ठहरे आरोपी हिमांशु (26) ने 24 फरवरी तक 6.17 लाख रुपये का बिल जमा किया, लेकिन कोई भी भुगतान नहीं किया।
होटल ने कहा, “जब हमने अपनी फर्म का बैंक अकाउंट चेक किया, तो पता चला कि कोई पेमेंट नहीं मिला था। हिमांशु से उसका बैंक स्टेटमेंट मांगा गया, लेकिन उसने देने से मना कर दिया और 24 फरवरी को होटल छोड़ दिया।” शिकायत के आधार पर सेक्टर 53 थाना में एफआईआर दर्ज की गई। पुलिस ने बुधवार को डीएलएफ फेज 5 इलाके से आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार, हिमांशु के पास कंप्यूटर एप्लीकेशन में पोस्टग्रेजुएट डिग्री है और वह ‘माई फेम’ ऐप पर यूट्यूब चैनल प्रमोट करने का काम करता था। जांच जारी है कि उसने होटल से फर्जी भुगतान के लिए कौन-कौन से डिजिटल हथकंडे अपनाए।
यूट्यूब से मिली नकली फोनपे ऐप की जानकारी
पुलिस के अनुसार, हिमांशु ने कहा कि उसे यूट्यूब पर एक नकली फोनपे (PhonePe) ऐप के बारे में एक वीडियो मिला था। वीडियो में दिखाया गया था कि कैसे कोई फर्जी पेमेंट कर सकता है और ऐसा दिखा सकता है कि पैसे रिसीवर के अकाउंट में क्रेडिट हो गए हों, जबकि वास्तव में भुगतान नहीं हुआ। यह जानकारी पुलिस के लिए महत्वपूर्ण साबित हुई क्योंकि इससे स्पष्ट हो गया कि आरोपी ने डिजिटल हथकंडे अपनाकर होटल स्टाफ को ठगा। जांच अधिकारी अब यह पता लगाने में जुटे हैं कि हिमांशु ने इस तकनीक का उपयोग किस हद तक किया और क्या उसने पहले भी ऐसी धोखाधड़ी की थी।
ऐप में सिर्फ स्कैनर काम करता है
पुलिस प्रवक्ता के अनुसार, “आरोपी ने एक नकली PhonePe ऐप इंस्टॉल किया था, जिसमें केवल स्कैनर काम करता था, जबकि बाकी सभी फीचर इनएक्टिव थे। वह अक्टूबर 2025 से फरवरी 2026 तक होटल में रुका और इस दौरान होटल मैनेजर को 16 फर्जी ट्रांजैक्शन के स्क्रीनशॉट भेजे। इसी तरीके से उसने 6 लाख रुपये से अधिक की धोखाधड़ी की।” पुलिस ने बताया कि आरोपी का मोबाइल फोन जब्त कर लिया गया है और डिजिटल फॉरेंसिक जांच की जा रही है। मामले में आगे की जांच जारी है ताकि यह पता लगाया जा सके कि आरोपी ने इस फर्जी ऐप का इस्तेमाल कहीं और भी तो नहीं किया। गुरुवार को आरोपी को शहर की एक अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। पुलिस का कहना है कि मामले की गहराई से जांच की जा रही है और जरूरत पड़ने पर अन्य धाराएं भी जोड़ी जा सकती हैं।

