होली मनाने के लिए उदयपुर बना विदेशी पर्यटकों की पहली पसंद, ये जगहें भी हैं लिस्ट में शामिल

ट्रेवल डेस्टिनेशन। होली का त्योहार करीब आते ही हवाएं रंगीन नजर आने लगती है। हिंदू धर्म का यह पर्व दुनियाभर में धूमधाम से मनाया जाता है। इस दौरान लोग सिर्फ गुलाल नहीं उड़ाना चाहते, बल्कि वे इस त्योहार को इसके असली और पारंपरिक अंदाज में जीना चाहते हैं।

आंकड़ों के मुताबिक लोग शाही महलों, प्राचीन मंदिरों और ऐतिहासिक झीलों के किनारे होली का जश्न मनाने के लिए जमकर होटल सर्च कर रहे हैं।

विदेशी पर्यटकों को भा रही है भारत की होली

देश में तो होली का क्रेज देखने को मिलता ही है, लेकिन विदेशों में भी लोग इस त्योहार के दीवाने होते जा रहे हैं। भारत के इस रंग-बिरंगे त्योहार का क्रेज विदेशों में भी खूब है। डेटा बताता है कि मलेशिया, थाईलैंड, जापान, सिंगापुर और दक्षिण कोरिया से कई लोग होली मनाने भारत आ रहे हैं। विदेशी पर्यटकों की पसंद की बात करें तो:

  • उदयपुर: इसके लिए सर्च में 459% का भारी उछाल देखा गया है।
  • जयपुर: विदेशी पर्यटकों की सर्च में जयपुर में 191% की बढ़ोतरी हुई है।

भारत में भी पहली पसंद बना राजस्थान

  • जयपुर (282% की बढ़ोतरी): लोग आमेर किले और शाही अंदाज वाली होली का अनुभव लेने के लिए सबसे ज्यादा जयपुर का रुख कर रहे हैं।
  • उदयपुर (233% का उछाल): झीलों के सुंदर नजारे, पुरानी वास्तुकला और हेरिटेज होटलों में होने वाले होली के आयोजनों के कारण यह शहर पर्यटकों को बहुत लुभा रहा है।
  • पुष्कर (195% की वृद्धि): पुष्कर झील और इसके 52 घाटों पर लोगों के साथ मिलकर सामूहिक होली खेलने का मजा लेने के लिए भारी संख्या में लोग यहां पहुंच रहे हैं।

कृष्ण की नगरी में होली की धूम

  • वृंदावन (126% उछाल): यहां की मशहूर ‘फूलों की होली’ और भजन-कीर्तन वाले भक्तिमय माहौल में डूबने के लिए यह लोगों की पहली पसंद है।
  • मथुरा (109% वृद्धि): भगवान कृष्ण की जन्मभूमि की तंग गलियों और मंदिरों में होने वाली सदियों पुरानी पारंपरिक होली देखने के लिए पर्यटकों की भारी भीड़ जुट रही है।

दक्षिण और पूर्वी भारत में भी होली का जश्न

  • हम्पी, कर्नाटक (128% की बढ़ोतरी): यूनेस्को की विश्व धरोहर वाले हम्पी के प्राचीन खंडहर और मंदिर प्रांगण होली के दौरान एक अलग ही रंग में नजर आते हैं, जिसे जिसे देखने लोग जा रहे हैं।
  • शांतिनिकेतन, पश्चिम बंगाल (43% उछाल): यहां रवींद्रनाथ टैगोर द्वारा शुरू किया गया ‘बसंत उत्सव’ मनाया जाता है। इसी का आनंद लेने के लिए लोग यहां आ पहुंच रहे हैं।

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