अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) ने एलपीजी गैस की कथित कमी को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और AAP के राष्ट्रीय संयोजक केजरीवाल ने प्रधानमंत्री मोदी पर गंभीर आरोप लगाए। केजरीवाल ने कहा कि देश में एलपीजी गैस की किल्लत के लिए केंद्र सरकार की विदेश नीति जिम्मेदार है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री मोदी अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति ट्रंप Donald Trump के दबाव में काम कर रहे हैं। केजरीवाल ने यह तक कह दिया कि पीएम मोदी “ट्रंप के गुलाम” बन गए हैं और संभव है कि ट्रंप के पास उनके खिलाफ कोई राज हो, जिसकी वजह से वे देशहित के बजाय अमेरिकी हितों को प्राथमिकता दे रहे हैं।
केजरीवाल के अनुसार, भारत ने हाल के अंतरराष्ट्रीय तनाव में अमेरिका और Israel का साथ दिया, जिससे Iran नाराज़ हो गया। उनका दावा है कि इसी कारण एलपीजी गैस की सप्लाई प्रभावित हुई और देश में संकट की स्थिति बन रही है। केजरीवाल ने दावा किया कि पूरे देश में एलपीजी गैस की भारी किल्लत हो गई है, जिससे लाखों लोगों के रोजगार पर खतरा मंडरा रहा है। उन्होंने कहा कि अगर स्थिति जल्द नहीं सुधरी तो करीब एक करोड़ लोगों का रोजगार प्रभावित हो सकता है।
उन्होंने कहा, देश में जितनी एलपीजी गैस का उत्पादन होता है, उसमें करीब 50% की कमी आ गई है। भारत अपनी कुल जरूरत का लगभग 60% एलपीजी आयात करता है। इस आयात का करीब 90% हिस्सा Strait of Hormuz के रास्ते आता था, जो कथित तौर पर युद्ध की स्थिति के कारण प्रभावित हो गया है। केजरीवाल के मुताबिक, मौजूदा हालात में Iran इस समुद्री मार्ग से केवल अपने सहयोगी देशों जैसे Russia और China को गुजरने की अनुमति दे रहा है, जबकि भारत को नहीं दी जा रही। उन्होंने कहा कि इसी वजह से भारत में गैस आपूर्ति पर असर पड़ा है और संकट गहरा गया है।
उन्होंने कहा कि Mumbai, Tamil Nadu, Delhi-NCR, Bihar और Rajasthan जैसे इलाकों में हजारों होटल बंद हो चुके हैं और अगर हालात नहीं सुधरे तो आने वाले दिनों में और भी होटल बंद हो सकते हैं। केजरीवाल ने उद्योगों पर पड़े असर का उदाहरण देते हुए कहा कि Morbi (Gujarat) में टाइल्स उद्योग बुरी तरह प्रभावित हुआ है। उनके मुताबिक मोरबी के टाइल्स कारोबार से जुड़े करीब एक लाख लोग पहले ही बेरोजगार हो चुके हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि एलपीजी आपूर्ति जल्द सामान्य नहीं हुई तो देशभर में एक करोड़ से ज्यादा लोगों के बेरोजगार होने का खतरा पैदा हो सकता है।
युद्ध से एक दिन पहले क्यों गए इजरायल
दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री केजरीवाल ने कहा कि 75 साल से भारत की विदेश नीति गुटनिरपेक्षता पर आधारित रही, लेकिन प्रधानमंत्री Narendra Modi ने इसे कमजोर कर दिया है। उन्होंने कहा, “युद्ध शुरू होने से एक दिन पहले उन्हें Israel जाने की क्या जरूरत थी? उन्होंने पूरे देश को संकट में डाल दिया। वह ऐसा क्यों कर रहे हैं यह समझ से परे है।” केजरीवाल ने आगे कहा कि भारत हमेशा से Non-Aligned Movement (गुटनिरपेक्ष आंदोलन) का समर्थक रहा है, जिसके तहत देश किसी एक गुट के साथ खड़ा होने के बजाय संतुलित विदेश नीति अपनाता था।
अरविंद केजरीवाल ने एलपीजी संकट और विदेश नीति को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला जारी रखते हुए प्रधानमंत्री Narendra Modi पर गंभीर आरोप लगाए। AAP के राष्ट्रीय संयोजक केजरीवाल ने कहा कि भारत को अमेरिका के प्रभाव में लाया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा हालात इसलिए बने हैं क्योंकि प्रधानमंत्री कमजोर हैं। केजरीवाल ने कहा, “पिछले एक साल से ऐसा लग रहा है कि प्रधानमंत्री जी Donald Trump के गुलाम बने हुए हैं। 140 करोड़ लोगों के महान देश को प्रधानमंत्री मोदी जी ने अमेरिका की कॉलोनी बना दिया है।”
अपने बयान में ऐतिहासिक उदाहरण देते हुए केंद्र सरकार की कड़ी आलोचना की। Aam Aadmi Party के राष्ट्रीय संयोजक ने कहा कि जब भारत पर अंग्रेजों का कब्जा हुआ था, तब कई राजा कमजोर थे और उन्हें ब्लैकमेल या खरीदा जा सकता था। केजरीवाल का दावा है कि आज भी कुछ ऐसा ही माहौल बन रहा है, क्योंकि उनके मुताबिक प्रधानमंत्री Narendra Modi कमजोर नेतृत्व दिखा रहे हैं। उन्होंने कहा कि देश के लोग खुद को अपमानित महसूस कर रहे हैं। केजरीवाल के अनुसार, “United States के राष्ट्रपति से लेकर छोटे कर्मचारी तक हमारे प्रधानमंत्री का मजाक उड़ा रहे हैं और हर देशवासी का खून खौल रहा है।” उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump जो भी निर्देश देते हैं, प्रधानमंत्री मोदी उसे मान लेते हैं।
डर है तो इस्तीफा दे दें, देश बर्बाद ना करें
केजरीवाल ने कहा, “Donald Trump ने कहा कि कॉटन पर ड्यूटी हटा लो, मोदी जी ने कहा जी हुजूर। ट्रंप ने कहा कि Russia से तेल मत खरीदो, मोदी जी ने कहा जी हुजूर। इससे देश को करीब 8 लाख करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। ट्रंप ने कहा कि अमेरिकी सामान पर जीरो ड्यूटी होगी, मोदी जी ने फिर कहा जी हुजूर।” उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि आखिर प्रधानमंत्री की ऐसी क्या मजबूरी है। केजरीवाल ने आरोप लगाया कि ट्रंप के पास प्रधानमंत्री से जुड़ा कोई राज हो सकता है, जिसकी वजह से वे दबाव में फैसले ले रहे हैं। केजरीवाल ने कहा कि अगर प्रधानमंत्री को किसी तरह के राज खुलने का डर है और उससे देश को नुकसान हो रहा है, तो उन्हें पद छोड़ देना चाहिए, लेकिन देश को नुकसान नहीं पहुंचाना चाहिए।

