विशाखापत्तनम से आ रहे इंडिगो विमान का हवा में इंजन फेल होने के बाद ‘फुल इमरजेंसी’ घोषित. दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय (IGI) हवाई अड्डे पर शनिवार सुबह उस वक्त हड़कंप मच गया, जब विशाखापत्तनम से दिल्ली आ रही इंडिगो की एक फ्लाइट में तकनीकी खराबी की खबर मिली. विमान के इंजन फेल होने की आशंका के चलते रनवे 28 पर ‘फुल इमरजेंसी’ घोषित कर दी गई थी. हालांकि, पायलट की सूझबूझ और एयरपोर्ट प्रशासन की मुस्तैदी से एक बड़ा हादसा टल गया. विमान में कुल 161 यात्री सवार थे लैंडिंग के तुरंत बाद सभी यात्रियों को विमान से सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया.
दिल्ली के आईजीआई एयरपोर्ट पर तैनात राहत दलों की सक्रियता और चालक दल की कुशलता ने एक संभावित आपदा टल गई. इंडिगो प्रशासन अब इंजन में आई इस तकनीकी खराबी के कारणों की विस्तृत जांच कर रहा है.
दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल (IGI) एयरपोर्ट पर शनिवार दोपहर एक बड़ा विमान हादसा टल गया. विशाखापत्तनम से दिल्ली आ रही इंडिगो की फ्लाइट (6E-2134) के इंजन में अचानक आई तकनीकी खराबी के बाद एयरपोर्ट पर ‘फुल इमरजेंसी’ घोषित कर दी गई. विमान में सवार 161 यात्रियों और क्रू मेंबर्स की जान उस वक्त आफत में फंस गई जब लैंडिंग से ठीक पहले विमान के एक इंजन ने काम करना बंद कर दिया. जानकारी के मुताबिक, विमान जब दिल्ली के करीब था, तभी पायलट को इंजन फेलियर का संकेत मिला. पायलट ने बिना वक्त गंवाए एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) को ‘मेडे’ कॉल दी और इमरजेंसी लैंडिंग की अनुमति मांगी.
आपातकालीन प्रोटोकॉल के बीच, इंडिगो के इस विमान ने सुबह 10 बजकर 54 मिनट पर IGI Airport के रनवे 28 पर सुरक्षित लैंडिंग की. लैंडिंग के वक्त रनवे पर दमकल की गाड़ियां और एम्बुलेंस तैनात थीं, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके.
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, फ्लाइट में टेक्निकल फाल्ट होने की वजह से कॉल हुई थी. सभी एजेंसियों को अलर्ट पर रखा गया था. इंडिगो की तकनीकी टीम अब विमान की सघन जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि खराबी कितनी गंभीर थी.
जानकारी के अनुसार, इस विमान में कुल 161 यात्री सवार थे लैंडिंग के तुरंत बाद सभी यात्रियों को विमान से सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया. यात्रियों की जांच के बाद उन्हें उनके गंतव्य के लिए रवाना कर दिया गया है. इंडिगो प्रशासन अब इंजन में आई इस तकनीकी खराबी के कारणों की विस्तृत जांच कर रहा है.
रिपोर्ट के मुताबिक, जनवरी 2025 से फरवरी 2026 के बीच ऑडिट किए गए 754 कमर्शियल विमानों में से 377 (करीब 50%) में लगातार तकनीकी खामियां पाई गई हैं. आज की घटना ने समिति की उस चेतावनी को सच साबित कर दिया है जिसमें कहा गया था कि भारत के आधे कमर्शियल बेड़े में तकनीकी गड़बड़ी है और नागरिक उड्डयन क्षेत्र को ‘फंडामेंटल रीसेट’ की जरूरत है.
जब किसी विमान में गंभीर तकनीकी समस्या जैसे इंजन फेल होना, आग लगना या बम की धमकी आती है तो एयरपोर्ट पर ‘फुल इमरजेंसी’ घोषित की जाती है. इस दौरान रनवे को खाली करा लिया जाता है और फायर ब्रिगेड, एम्बुलेंस तथा सुरक्षा एजेंसियां किसी भी स्थिति से निपटने के लिए अलर्ट मोड पर तैनात रहती हैं.

