UPI चैट पर रची पत्नी की हत्या की साजिश, ऐसे खुला डॉक्टर का खौफनाक राज….

डिजिटल डेस्क। बेंगलुरु में एक सर्जन द्वारा अपनी ही डॉक्टर पत्नी की हत्या का मामला इन दिनों सुर्खियों में है। आरोपी सर्जन डॉ. महेंद्र रेड्डी पर आरोप है कि उसने अपनी पत्नी डॉ. कृतिका रेड्डी को एनेस्थीसिया का ओवरडोज देकर मौत के घाट उतार दिया। इस मामले में पुलिस को जो डिजिटल सबूत मिले हैं, वे चौंकाने वाले हैं।

एनेस्थीसिया का ओवरडोज और ‘परफेक्ट मर्डर’ की कोशिश

यह घटना 21 अप्रैल की है। महेंद्र अपनी पत्नी कृतिका को लेकर अस्पताल पहुंचा और दावा किया कि उसकी तबीयत अचानक बिगड़ गई है। अस्पताल में डॉक्टरों ने कृतिका को मृत घोषित कर दिया। महेंद्र ने अपने मेडिकल ज्ञान का इस्तेमाल कर इस हत्या को एक ‘सामान्य मौत’ का रूप देने की पूरी कोशिश की, ताकि किसी को शक न हो।

UPI ऐप्स का चालाकी से इस्तेमाल, नर्स के साथ था संबंध

जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि महेंद्र का अस्पताल की ही एक नर्स हरिष्ठा के साथ प्रेम संबंध था। पकड़े जाने के डर से महेंद्र ने व्हाट्सएप या इंस्टाग्राम के बजाय PhonePe (UPI) के ‘मैसेज’ फीचर का उपयोग किया। उसे लगा कि पेमेंट ऐप पर की गई बातचीत पुलिस की नजरों से बच जाएगी।

डिलीटेड डेटा: फॉरेंसिक लैब (FSL) ने करीब 10 लाख डिजिटल फाइलें रिकवर की हैं, जिनमें डिलीट किए गए यूपीआई चैट्स भी शामिल हैं।

चैट में कबूलनामा: “मैंने हत्या की है, अब जेल जाना होगा”

पुलिस को मिले डिजिटल सबूतों में महेंद्र का अपनी प्रेमिका के लिए भेजा गया कबूलनामा भी शामिल है। चैट में उसने लिखा था…

“कहीं भी कॉल या मैसेज मत करना। पुलिस पूछे तो कहना कि हम सिर्फ दोस्त हैं।”

एक अन्य मैसेज में उसने स्पष्ट लिखा कि उसने कृतिका को मार दिया है और अब उसे जेल जाना पड़ेगा।

कोर्ट का कड़ा रुख, जमानत याचिका खारिज

महेंद्र और कृतिका की शादी मई 2024 में हुई थी और दोनों एक ही अस्पताल में कार्यरत थे। पुलिस द्वारा पेश किए गए भारी डिजिटल और फॉरेंसिक सबूतों को देखते हुए कोर्ट ने मामले को ‘अत्यंत गंभीर’ माना है। पुख्ता सबूतों के आधार पर अदालत ने आरोपी डॉक्टर की जमानत याचिका को सिरे से खारिज कर दिया है।

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