Assam Election Result: असम में रुझानों में BJP की लहर, पार की सेंचुरी ….

Assam Election Result 2026 : असम विधानसभा चुनाव के लिए 9 अप्रैल को वोटिंग हुई थी. आज यानी 4 मई को राज्य की नई सरकार के लिए फैसले का दिन है. 9 अप्रैल को राज्य की सभी 126 सीटों पर हुई वोटिंग में 85% से ज्यादा मतदान हुआ था. इस चुनाव में कुल 722 उम्मीदवार मैदान में थे, जिनकी हार-जीत का फैसला लगभग हो गया है. रुझानों की बात करें तो असम में हिमंता बिस्वा सरमा तीसरी बार सत्ता में आती हुई दिखाई दे रही है. 126 सीटों वाली विधानसभा में बीजेपी अभी 100 सीटों पर बढ़त बनाई हुई है. असम की सत्ता की कुर्सी तक पहुंचने के लिए किसी भी दल या गठबंधन के पास 64 सीटें होना जरूरी है. यानि बीजेपी की आंधी इस बार असम में दिखाई दिया है. भाजपा के साथ असम गण परिषद (AGP) और यूपीपीएल (UPPL) जैसे क्षेत्रीय दल मजबूती से खड़े हैं. दूसरी तरफ, कांग्रेस के नेतृत्व वाला ‘असम सम्मिलित मोर्चा’ है, जिसमें 6 दल शामलि हैं.

हाई प्रोफाइल सीटों का क्या है हाल ?

बात करें राज्य के हाई प्रोफाइल सीटों की तो असम में जोरहाट विधानसभा सीट पर तीन दौर की मतगणना के बाद गौरव गोगोई 11OOO से ज्यादा वोटों से पीछे चल रहे हैं. जोरहाट से पांच बार विधायक रह चुके हितेंद्र नाथ गोस्वामी यहां से बढ़त बनाए हुए हैं. 7 दौर की मतगणना के बाद बीजेपी के गोस्वामी 33019 वोट हासिल कर चुके हैं. वहीं जालुकबारी की तो यहां सीएम हिमंता बिस्वा सरमा की एकतरफा बढ़त जारी है. असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा जालुकबारी सीट पर 15000 से अधिक वोटों के साथ बढ़त बनाए हुए हैं. वहीं, कांग्रेस उम्मीदवार विदिशा नेगी 10196 वोटों के साथ दूसरे स्थान पर हैं. इस सीट को भाजपा का गढ़ माना जाता है और हिमंत बिस्वा सरमा यहां से 25 साल से विधायक हैं, लेकिन इस बार नतीजों पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं.

पिछले चुनाव में बीजेपी की सीटें?

असम विधानसभा चुनाव 2021 की बात करें तो बीजेपी के नेतृत्व वाले NDA गठबंधन ने 75 सीटें जीतकर सत्ता में शानदार वापसी की थी. बीजेपी ने अकेले 60 सीटें जीती थीं, जबकि उसके सहयोगी दलों में असम गण परिषद (AGP) को 9 और यूनाइटेड पीपल्स पार्टी लिबरल (UPPL) को 6 सीटें मिली थीं.

दूसरी ओर, कांग्रेस के नेतृत्व वाले विपक्षी गठबंधन ‘महाजोत’ ने कड़ी टक्कर देने की कोशिश की थी. तब विपक्ष को कुल 50 सीटों पर संतोष करना पड़ा था, जिसमें कांग्रेस ने 29 सीटें जीती थीं. कांग्रेस के साथ चुनाव लड़ी बदरुद्दीन अजमल की पार्टी AIUDF को 16 सीटें मिली थीं, जबकि बोडोलैंड पीपल्स फ्रंट (BPF) ने 4 और सीपीएम (CPI-M) ने 1 सीट पर जीत हासिल की थी.

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