14 साल के ‘सत्यम’ ने मौत को दी मात, तेंदुए ने किया हमला तो किशोर ने दबोच ली उसकी गर्दन, रोंगटे खड़े कर देगी बहादुरी की यह कहानी

नर्मदापुरम। मध्यप्रदेश के नर्मदापुरम जिले से अदम्य साहस की एक ऐसी तस्वीर सामने आई है, जिसे सुनकर हर कोई दंग है। सतपुड़ा टाइगर रिजर्व से सटे पिपरिया के कुर्सीखापा गांव में एक 14 वर्षीय किशोर सत्यम ठाकुर ने खूंखार तेंदुए से सीधा लोहा लिया। जब तेंदुए ने उस पर जानलेवा हमला किया तो सत्यम ने डरकर नहीं बल्कि निडरता के साथ तेंदुए की गर्दन दबोच ली और उसे पीछे हटने पर मजबूर कर दिया।

खेल रहा था बालक, तेंदुए ने किया हमला

जानकारी के अनुसार घटना शनिवार देर रात की है। सत्यम ठाकुर अपने घर के पास स्थित खेत में बने कुएं के समीप खेल रहा था। इसी दौरान झाड़ियों में घात लगाकर बैठे एक तेंदुए ने अचानक उस पर झपट्टा मार दिया। तेंदुए के हमले से सामान्यत कोई भी सहम जाता लेकिन सत्यम ने गजब की फुर्ती और जांबाजी दिखाई। उसने तेंदुए की गर्दन को मजबूती से पकड़ लिया और उसे पूरी ताकत से धक्का देकर दूर फेंक दिया।

शोर सुन जंगल की ओर भागा तेंदुआ

सत्यम की चीख-पुकार सुनकर परिजन और आसपास के ग्रामीण लाठी-डंडे लेकर मौके पर पहुंचे। शोर बढ़ता देख और ग्रामीणों की भीड़ देख तेंदुआ घबराकर घने जंगल की ओर भाग निकला। हालांकि इस संघर्ष में तेंदुए के नाखूनों से सत्यम के पेट हाथ और पैरों पर गहरे घाव आए हैं।

वन विभाग ने उठाया इलाज का खर्च

घटना के तुरंत बाद परिजनों ने सत्यम को पिपरिया के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया। सतपुड़ा टाइगर रिजर्व के सहायक संचालक आशीष खोपरागड़े ने बताया कि सूचना मिलते ही विभाग ने वाहन भेजकर बच्चे को अस्पताल पहुंचाया। परिजनों को तत्काल राहत राशि उपलब्ध करा दी गई है और उपचार का पूरा खर्च विभाग द्वारा वहन किया जा रहा है।

इलाके में जांबाजी की चर्चा

सत्यम के पिता महेंद्र सिंह ठाकुर ने बताया कि उनका खेत और घर जंगल की सीमा से लगा हुआ है जिसके कारण अक्सर जंगली जानवरों की आवाजाही बनी रहती है। फिलहाल सत्यम की हालत स्थिर है। बालक की इस बहादुरी की चर्चा पूरे जिले में हो रही है। वहीं वन विभाग ने एहतियात के तौर पर ग्रामीणों को रात के समय घरों से बाहर निकलते वक्त सतर्क रहने की सलाह दी है।

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