मुरिया दरबार की परंपरा पर विवाद : कांग्रेस ने कहा- आदिवासी आस्था से हो रहा खिलवाड़…

जगदलपुर। बस्तर दशहरा की मुरिया दरबार रस्म में इस साल राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू शामिल होंगी। 23 अक्टूबर को आयोजित होने वाले मुरिया दरबार से पूर्व बस्तर में सियासी पारा हाई हो गया है। दरअसल मुरिया दरबार के नाम और स्थान बदलने को लेकर कांग्रेस ने आरोप लगाया है।

कांग्रेस का कहना है कि आदिवासी आस्था एवं परंपरा से जुड़े मुरिया दरबार का नाम बदलने का प्रयास किया जा रहा है। सिरासार भवन के स्थान पर लालबाग मैदान में मुरिया दरबार आयोजन करने से लोगों की आस्था को ठेस पहुंचेगी।

दरअसल जगदलपुर मां दंतेश्वरी मंदिर की ओर से रस्मों की एक सूची जारी की थी, जिसमें मुरिया दरबार के स्थान पर आम दरबार अंकित है। इसके विरोध के बाद प्रशासन ने स्पष्टीकरण जारी कर नाम और स्थान नहीं बदले जाने की बात कही। इस मामले में बस्तर सांसद महेश कश्यप ने कहा, पुरानी व्यवस्था के तहत सभी रस्मों का आयोजन किया जा रहा। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू सिरासार भवन में आयोजित मुरिया दरबार के साथ ही लालबाग मैदान में आयोजित आम सभा में भी हिस्सा लेंगी। कुछ लोग अफवाह फैलाकर लोगों की भ्रमित कर रहे हैं।

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