Delhi Air Pollution: देश की राजधानी दिल्ली की हवा ‘जहरीली’ हो गई है। ठंड और त्योहारी सीजन शुरू होने के साथ ही दिल्ली में हवा की क्वालिटी खराब होने लगी है। हालात यह है कि दिल्ली में कई जगह एयर क्वालिटी इंडेक्स यानी एक्यूआई (Delhi AQI) 300 के पार चला गया है। दिल्ली के जहांगीरपुरी में AQI 309 दर्ज किया गया। जबकि विवेक विहार में यह 306 दर्ज किया गया। वहीं पूरे दिल्ली में एयर क्वालिटी इंडेक्स औसतन 200 से ऊपर बना हुआ है।
दिल्ली में वायु प्रदूषण बढ़ने पर DMRC ने बड़ा फैसला लेते हुए दिल्ली मेट्रो के फोरों में इजाफा किया है। DMRC आज यानि 22 अक्टूबर से रोजाना 20 अतिरिक्त मेट्रो ट्रिप्स (Delhi Metro Extra Trips) चलाएगी।
आंकड़ों के मुताबिक, जहांगीरपुरी में सबसे अधिक 309 AQI दर्ज किया गया। मंदिर मार्ग और नरेला में वायु गुणवत्ता सूचकांक 280 रहा। जबकि सिरीफोर्ट में 276, बवाना में 275 और अलीपुर में 273 AQI दर्ज किया गया। मुंडका में वायु गुणवत्ता सूचकांक 265, एनआईएच नरेला में 260, तालकटोरा गार्डन में 254 और वजीरपुर में 253 रहा। इन आंकड़ों से पता चलता है कि दिल्ली के कई इलाकों में हवा की क्वालिटी खराब बनी हुई है। दिल्ली यूनिवर्सिटी के नॉर्थ कैंपस में AQI 247 दर्ज किया गया, जबकि आईआईटी दिल्ली में यह 244 रहा। नजफगढ़ में 241, जेएनयू में 239 और मेजर ध्यानचंद नेशनल स्टेडियम के आसपास 238 AQI रिकॉर्ड हुआ। आनंद विहार में वायु गुणवत्ता सूचकांक 237, बुराड़ी क्रॉसिंग पर 231 और अशोक विहार में 223 दर्ज किया गया। आईजीआई एयरपोर्ट के टर्मिनल-3 के पास AQI 216 और अया नगर में 215 रहा। वसुंधरा एन्क्लेव में भी वायु गुणवत्ता सूचकांक 209 दर्ज किया गया।
दिल्ली में GRAP-1 लागू होते ही DMRC का बड़ा फैसला
इधर दिल्ली में GRAP-1 लागू होने पर DMRC आज यानि 22 अक्टूबर से रोजाना 20 अतिरिक्त मेट्रो ट्रिप्स चलाने का निर्णय लिया है। जबकि निर्माण स्थलों पर एंटी-स्मॉग गन और एंटी-प्रदूषण अभियान तेज कर दिया गया है। दिल्ली मेट्रो प्रशासन के मुताबिक सोमवार से शुक्रवार के दौरान 20 अतिरिक्त फेरे लगाए जाएंगे ताकि यात्रियों को सुविधा मिले और सड़कों पर गाड़ियों का दबाव कम हो सके। मेट्रो निर्माण स्थलों, स्टेशनों और प्रशासनिक भवनों पर 250 से अधिक एंटी-स्मॉग गन (मिस मस्ट गन) तैनात की गई हैं, जो हवा में उड़ने वाली धूल के स्तर को कम करेंगी। DMRC के अस्थायी अधिकार क्षेत्र में आने वाली लगभग 31 किलोमीटर लंबी सड़कों की मरम्मत की जा चुकी है ताकि जर्जर सड़कों से उड़ने वाली धूल से वायु प्रदूषण न फैले।
एक दिन पहले लागू हुआ था GRAP-1
बता दें कि दिल्ली-एनसीआर की हवा की गुणवत्ता खराब श्रेणी में पहुंचने के बाद रेखा गुप्ता सरकार ने 21 अक्टूबर को ग्रैप-1 लागू किया था। दिल्ली में मंगलवार को दशहरा मनाया गया। इस दौरान कई जगह रामलीला के आयोजन हुए और रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतले जलाए गए। कई जगह आतिशबाजी भी हुई. इसके बाद बुधवार सुबह हवा में धुंध और स्मॉग देखने को मिला है। सर्दी बढ़ने के साथ दिल्ली-एनसीआर में हवा की गुणवत्ता आमतौर पर प्रभावित होती है।
क्या होता है ग्रैप और इसे लागू क्यों किया जाता है
ग्रैप (GRAP – ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान) दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने वाली एक आपातकालीन कार्ययोजना है। यह AQI (वायु गुणवत्ता सूचकांक) के स्तर के आधार पर चार चरणों में लागू की जाती है। बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए दिल्ली-एनसीआर में हाल ही में ‘ग्रैप-1’ के नियम लागू किए गए हैं।

