रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने जनहित क्रांति पार्टी को विधि विरुद्ध संगठन घोषित किए जाने की अवधि एक साल और बढ़ा दी है। गृह (सी-अनुभाग) विभाग ने 30 अक्टूबर 2026 को इस संबंध में नई अधिसूचना जारी की। छत्तीसगढ़ विशेष जन सुरक्षा अधिनियम, 2005 की धारा 3(1) के तहत लिया गया यह फैसला 17 दिसंबर 2026 से प्रभावी होगा। सरकार ने 12 दिसंबर 2025 को जारी पुरानी अधिसूचना की अवधि बढ़ाई है। इसके तहत जनहित क्रांति पार्टी अगले एक साल तक विधि विरुद्ध संगठन घोषित रहेगी। यह निर्णय राज्य में लागू विशेष जन सुरक्षा कानून के प्रावधानों के तहत लिया गया है।
17 दिसंबर 2026 से लागू होगा नया आदेश
गृह विभाग की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार, जनहित क्रांति पार्टी को एक बार फिर एक वर्ष के लिए विधि विरुद्ध संगठन घोषित किया गया है। इस फैसले के तहत नई अवधि 17 दिसंबर 2026 से शुरू होगी और अगले एक साल तक प्रभावी रहेगी।
विशेष जन सुरक्षा अधिनियम की धारा 3 के तहत फैसला
राज्य सरकार ने यह निर्णय छत्तीसगढ़ विशेष जन सुरक्षा अधिनियम, 2005 की धारा 3 की उपधारा (1) के तहत मिली शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए लिया है। इस कानून के प्रावधानों के अनुसार राज्य शासन निर्धारित प्रक्रिया के तहत किसी संगठन को विधि विरुद्ध घोषित कर सकता है।
12 दिसंबर 2025 की अधिसूचना की अवधि बढ़ाई
गृह विभाग ने नई अधिसूचना में 12 दिसंबर 2025 को जारी पूर्व अधिसूचना का भी उल्लेख किया है। सरकार ने इसी पुराने आदेश की अवधि में एक वर्ष की वृद्धि की है। इस तरह जनहित क्रांति पार्टी को विधि विरुद्ध संगठन घोषित करने का पूर्व निर्णय आगे भी जारी रहेगा।
एक साल तक प्रभावी रहेगी प्रतिबंध की स्थिति
सरकार के इस फैसले के बाद जनहित क्रांति पार्टी के संबंध में विधि विरुद्ध संगठन घोषित किए जाने की स्थिति 17 दिसंबर 2026 से अगले एक साल तक प्रभावी रहेगी। गृह विभाग ने इस संबंध में आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी है।

