’50 करोड़ लोगों ने गरीबी रेखा को पार किया…,’ पीएम मोदी बोले- पहले पैसा भाई-भजीतावाद पर जाता था

PM Modi On India Poverty: पीएम नरेंद्र मोदी 3 नवंबर को महाराष्ट्र दौरे पर रहें। इस दौरान प्रधानमंत्रई मोदी ने पुणे मेट्रो की करीब 21,800 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। इस दौरान उन्होंने वर्ल्ड बैंक की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि भारत में ’50 करोड़ लोगों ने गरीबी रेखा को पार किया है। पहले पैसा भाई भजीतावाद पर जाता था। बीजेपी सरकार में पैसे सीधे लाभार्थियों के खाते में जाता है।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि देश की कई पीढ़ियां ‘गरीबी हटाओ’ के नारों और वादों के बीच ही बड़ी हुई हैं। पहले गरीबी के खिलाफ लड़ाई सिर्फ नारों तक सीमित थी, लेकिन आज भारत जमीन पर गरीबी को परास्त कर रहा है।

उन्होंने लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि भारत आज दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था होने के साथ-साथ गरीबी कम करने वाले सबसे तेज देशों में भी शामिल है। प्रधानमंत्री ने कहा कि पुणे हमेशा से ऐसे विचारों का केंद्र रहा है, जिन्होंने देश और समाज को नई दिशा दी है। आज यह शहर विकसित भारत की नई ऊर्जा को आगे बढ़ा रहा है। आईटी, ऑटोमोबाइल, फार्मा, स्टार्टअप, नवाचार और विनिर्माण के क्षेत्र में पुणे की अहम भूमिका है। ऐसे में मजबूत मेट्रो कनेक्टिविटी से यहां के विकास को और गति मिलेगी।

21,800 करोड़ रुपये की मेट्रो परियोजनाओं की सौगात

प्रधानमंत्री ने करीब 21,800 करोड़ रुपये की पुणे मेट्रो परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। इसमें 8,300 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से बनी 23 किलोमीटर लंबी मेट्रो की तीसरी लाइन यानी पिंक लाइन का उद्घाटन शामिल है। यह लाइन मान से जिला न्यायालय मेट्रो स्टेशन तक जाएगी और हिंजेवाड़ी के आईटी हब को शिवाजीनगर से जोड़ेगी। इस लाइन की खास बात यह है कि इसका संचालन पूरी तरह महिला ट्रेन ऑपरेटर करेंगी। साथ ही, इसकी बिजली की करीब 30 प्रतिशत जरूरत सौर ऊर्जा से पूरी करने की योजना है।

12 साल में मेट्रो नेटवर्क में बड़ा विस्तार: पीएम मोदी

उन्होंने कहा कि देश में पहली मेट्रो 1984 में चली थी, लेकिन इसके बाद के 30 वर्षों में केवल 248 किलोमीटर मेट्रो लाइन का निर्माण हुआ। वर्ष 2014 तक देश के सिर्फ पांच शहरों में मेट्रो सेवा उपलब्ध थी। उन्होंने कहा कि अगर पुरानी सोच और पुरानी कार्यशैली जारी रहती, तो पुणे में मेट्रो पहुंचने में कई दशक और लग जाते। 2014 में देश में मेट्रो नेटवर्क 248 किलोमीटर था, जो अब बढ़कर करीब 1,400 किलोमीटर हो गया है। पहले पांच शहरों में मेट्रो चलती थी, जबकि अब 26 शहरों में यह सुविधा उपलब्ध है।

भारत में गरीबी पर वर्ल्ड बैंक की रिपोर्ट

बता दें कि भारत में गरीबी पर वर्ल्ड बैंक ने पिछले दिनों रिपोर्ट जारी की थी। विश्व बैंक की रिपोर्ट के मुताबिक पिछले 12 साल में 49.6 Cr लोग अत्यधिक गरीबी से बाहर निकले हैं। मोदी सरकार की रोजगार और योजनाओं के साथ महिलाओं की भागीदारी ने इन गरीबों की तकदीर और तस्वीर बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा की है। वहीं वर्ल्ड बैंक के मुताबिक देश में अत्यधिक गरीबी की दर 2011 के 27.1 फीसदी से घटकर 2023 में 2.6 फीसदी रह गई है। जबकि रोजाना 4.20 डॉलर की आय वाले पैमाने पर करीब 49.6 करोड़ लोग गरीबी से बाहर आए हैं।

विश्व बैंक (World Bank) की अक्टूबर 2026 में जारी रिपोर्ट के मुताबिक 2011 से 2023 के बीच 12 साल में देश में अत्यधिक गरीबी (Extreme Poverty) तेजी से घटी है। साल 2011 में जहां भारत की 27.1 फीसदी आबादी बेहद गरीब थी। वहीं 2023 में यह आंकड़ा घटकर सिर्फ 2.6 फीसदी रह गया। हालांकि प्रति व्यक्ति आय के मोर्चे पर भारत को अभी और बेहतर करने की जरूरत है। वर्ल्ड बैंक की रिपोर्ट के मुताबिक गरीबी कम होने के बावजूद 2023 में करीब 7.5 करोड़ लोग ऐसे थे, जिनकी रोजाना की आमदनी 3 डॉलर से कम थी।

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