सुकमा। सीआरपीएफ (केंद्रीय रिजर्व बल) के असिस्टेंट कमांडेंट रॉकी कसाना जिले के जगरगुंडा इलाके में पीछे तीन सालों से तैनात हैं। इस दौरान उन्होंने ड्यूटी के साथ-साथ यूपीएससी की तैयारी भी की, जिसमें उन्होंने ने 542 वा रैंक हासिल किया है। बचपन से पढ़ाई में होशियार कसाना ने तीन सालों में दर्जनभर से ज्यादा माओवाद के खिलाफ ऑपरेशन में भाग लिया है।
गाजियाबाद के लोनी क्षेत्र के रितसल गांव में रहने वाले रॉकी कसाना ने 2026 में संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की परीक्षा पास कर ली है। उन्होंने 542 वा रैंक हासिल किया है। बचपन से पढ़ाई में होशियार रॉकी ने 2008 में कक्षा 10वीं और 2010 में 12वीं में अच्छे नंबरों से उत्तीर्ण हुए थे।

तीन सालों से जिले के माओवाद प्रभावित इलाकों में ड्यूटी
2014 में कानपुर आईआईटी में पढ़ाई पूरी करने के बाद सीआरपीएफ में असिस्टेंट कमांडेंट पर पदस्थ हुए। वही पिछले साल उनकी शादी हुई है। पिछले तीन सालों से जिले के माओवाद प्रभावित इलाकों में ड्यूटी कर रहे है।
हार नहीं मानी और प्रयास जारी रखा
जानकारी के मुताबिक रॉकी कसाना ने इससे पहले तीन बार यूपीएससी की परीक्षा दी है। एक बार वो इंटरव्यू तक पहुंच गए थे। लेकिन इंटरव्यू पास नहीं कर पाए। उसके बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और प्रयास जारी रखा। 2026 में अपना सपना पूरा किया।
हिड़मा और देवा के गढ़ में ऑपरेशन
असिस्टेंट कमांडेंट रॉकी कसाला पिछले तीन सालों से अपनी सेवा जिले के घोर माओवाद प्रभावित इलाका जगरगुंडा में दे रहे है। वो पूर्वर्ती और आसपास के इलाकों में ड्यूटी कर रहे है। तीन सालों में उन्होंने दर्जनभर ऑपरेशन में शामिल हुए हैं। ये सभी ऑपरेशन माओवादी नेता हिड़मा और देवा के इलाके में होते थे।



