जिले के हड़ताली पटवारियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू, शोकॉज नोटिस जारी

रायपुर। जिले में 16 अगस्त 2025 से पटवारियों ने सभी प्रकार के ऑनलाइन शासकीय कार्य करना बंद कर दिया है। इससे डिजिटल क्रॉप सर्वे की रिपोर्ट अप्रूव न होना, स्वामित्व योजना जैसी महत्वपूर्ण योजनाओं का काम ठप होना और जनता को अन्य आवश्यक सेवाओं में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस पर रायपुर जिले के अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) ने सभी पटवारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।

नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि यह कृत्य छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के नियम 3 के विपरीत है। सभी पटवारियों को 22 अगस्त 2025 शाम 5 बजे तक अपना स्पष्टीकरण प्रस्तुत करना अनिवार्य है। संतोषजनक उत्तर न मिलने पर छत्तीसगढ़ सिविल सेवा नियम 1966 के अंतर्गत अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

देखें नोटिस

गौरतलब है कि, पटवारियों ने संसाधनों की कमी सहित अन्य मांगों को लेकर ऑनलाइन कार्यों का बहिष्कार किया जा रहा है। वहीं वर्तमान में गिरदावरी का काम चल रहा है। ऐसे में जिला प्रशासन के दिशा निर्देशन में ऑनलाइन कार्यों का बहिष्कार करने वाले पटवारियों के खिलाफ कार्रवाई की गई।

हालांकि, कुछ पटवारी, जैसे धरसींवा क्षेत्र के तीन अधिकारी, परीक्षा अवधि में होने के कारण हड़ताल में शामिल नहीं हुए हैं, जबकि बाकी सभी पटवारी हड़ताल पर हैं। हड़ताल का मुख्य कारण डीसीए और एग्री ऐप के ऑनलाइन कार्यों में बाधा है, जिसके चलते डिजिटल सर्वे और किसानों के पंजीकरण का काम प्रभावित हो रहा है। प्रशासन ने सभी हड़ताली पटवारियों को 22 अगस्त 2025 शाम 5 बजे तक अपना स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के लिए कहा था, लेकिन अधिकांश ने जवाब नहीं दिया। व्यक्तिगत नामों के आधार पर नोटिस जारी किए गए हैं, हालांकि मुख्य कारण और कार्रवाई सभी के लिए समान है। जिला प्रशासन के दिशा-निर्देशन में यह कार्रवाई की गई है और आगामी आदेशों के अनुसार पेंडेंसी कम करने और हड़ताल समाप्त कराने के लिए कार्रवाई की जाएगी।

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