यह मामला राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) की निगरानी में सामने आया, जिसके बाद साइबर क्राइम रिपोर्ट थाना डोंगरगढ़ को भेजी गई थी. पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आईटी एक्ट की धारा 67(बी) और पॉक्सो एक्ट की धारा 15 के तहत अपराध क्रमांक 254/2024 दर्ज किया. गिरफ्तारी से पहले आरोपी काफी समय से फरार चल रहा था, लेकिन पुलिस टीम ने सतर्कता और सटीक कार्रवाई करते हुए 1 अगस्त को उसे गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया.
नाबालिगों से संबंधित किसी भी तरह की अश्लील सामग्री का निर्माण, प्रसारण या संग्रह न केवल अनैतिक है, बल्कि यह आईटी एक्ट और बाल संरक्षण कानून के तहत गंभीर आपराधिक श्रेणी में आता है. दोषियों को इसमें कठोर सजा का प्रावधान है. डोंगरगढ़ पुलिस ने लोगों को चेतावनी दी है कि सोशल मीडिया पर बिना सोचे-समझे किसी भी तरह की आपत्तिजनक सामग्री शेयर करना अपराध की श्रेणी में आता है. यदि ऐसा कोई वीडियो, फोटो या संदिग्ध गतिविधि नजर आए तो तुरंत पुलिस या साइबर सेल को सूचित करें.