डिजिटल डेस्क। बिहार के कद्दावर नेता और छत्तीसगढ़ के प्रदेश प्रभारी नितिन नवीन भारतीय जनता पार्टी के अगले राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने की दहलीज पर हैं। सोमवार को भाजपा मुख्यालय में वरिष्ठ नेताओं की गरिमामय मौजूदगी में उन्होंने अपना नामांकन पत्र दाखिल किया।
दिल्ली मुख्यालय में दिग्गजों का जमावड़ा
नितिन नवीन के नामांकन के दौरान भाजपा के शीर्ष नेतृत्व ने एकजुटता दिखाई। इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री अमित शाह, राजनाथ सिंह, नितिन गडकरी और वर्तमान अध्यक्ष जेपी नड्डा विशेष रूप से उपस्थित रहे। इसके अलावा उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी समेत विभिन्न राज्यों के प्रदेश अध्यक्ष और सांसद भी शामिल हुए।
नितिन नवीन की उम्मीदवारी को व्यापक समर्थन मिला है, जिसमें छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री और वहां की प्रदेश इकाई ने अपना समर्थन पत्र पहले ही जमा कर दिया था।
निर्विरोध निर्वाचन लगभग तय
पार्टी सूत्रों और वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए नितिन नवीन का निर्विरोध चुना जाना तय माना जा रहा है।
- एकमात्र उम्मीदवार: अब तक इस पद के लिए वे अकेले उम्मीदवार के रूप में उभरे हैं।
- औपचारिक घोषणा: कल यानी 20 जनवरी को उनके नाम की आधिकारिक घोषणा होने की पूरी संभावना है।
कैसे चुना जाता है भाजपा का राष्ट्रीय अध्यक्ष?
भाजपा में अध्यक्ष पद की चयन प्रक्रिया काफी संगठित और लोकतांत्रिक होती है:
- निर्वाचक मंडल: चुनाव राष्ट्रीय और राज्य परिषदों के प्रतिनिधियों से बने निर्वाचक मंडल द्वारा किया जाता है।
- पात्रता: उम्मीदवार को कम से कम 15 वर्षों तक पार्टी का सक्रिय सदस्य होना अनिवार्य है।
- प्रस्ताव की प्रक्रिया: निर्वाचक मंडल के कोई भी 20 सदस्य मिलकर किसी नाम का प्रस्ताव रख सकते हैं।
- बहु-राज्य समर्थन: यह प्रस्ताव कम से कम पांच ऐसे राज्यों से आना चाहिए जहां राष्ट्रीय परिषद के चुनाव संपन्न हो चुके हों।
युवा नेतृत्व पर दांव
नितिन नवीन की इस संभावित नियुक्ति को भाजपा की ‘युवा पीढ़ी’ को आगे लाने की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है। बिहार से ताल्लुक रखने वाले नवीन ने छत्तीसगढ़ के प्रभारी के रूप में अपनी सांगठनिक क्षमता का लोहा मनवाया है, जिसका प्रतिफल अब उन्हें राष्ट्रीय कमान के रूप में मिलने जा रहा है।

