BUDGET 2026-27: राहुल गांधी को समझ नहीं आया बजट, यह खर्च का नहीं, निवेश का है बजट: बृजमोहन अग्रवाल

रायपुर। संसद के बजट सत्र के दौरान वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत बजट पर चर्चा के दौरान रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने एक तरफ बजट से प्रदेश के साथ-साथ देश को होने वाले फायदे गिनाएं, वहीं दूसरी ओर नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की सदन में उनके व्यवहार के लिए निंदा करते हुए कांग्रेस सरकार के दौरान देश की हालत से अवगत कराने का काम किया.

सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने अपने भाषण की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को बजट के लिए धन्यवाद देने के साथ शुरू किया. उन्होंने कहा कि प्रस्तुत बजट देश को तरक्की देने वाला, विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने वाला बजट है, यह बजट संकल्प को ठोस आधार देने वाला बजट है. यह बजट योजनाओं से आगे बढ़कर परिणामों को देने वाला, किसानों के सम्मान का, युवाओं के अवसर का, महिलाओं की शक्ति का, गरीबों की सुरक्षा का बजट है.

सांसद ने कहा कि मैं नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को सुना रहा था, वे मार्शल आर्ट के बारे में बोल रहे थे, ये तो विदेशी आर्ट है. हमारे मोदी जी धोबी पछाड़ जानते हैं. उसी धोबी पछाड़ के कारण 3 चुनाव जीते हैं, और आपको विपक्ष में बैठना पड़ा है. ये मार्शल आर्ट से काम चलने वाला नहीं है. आपको कुश्ती सीखनी पड़ेगी, आपको कबड्डी सीखनी पड़ेगी, आपको भारत के खेल सीखने पड़ेंगे.

उन्होंने कहा कि मोदी जी भारतीय है, वे भारत की चिंता करते हैं, भारत को जानते हैं. वो गाँव. गरीब, किसान, नौजवान, मजदूर, महिलाएं सबकी चिंता करने वाले हैं. और यह इस बजट में दिखाई दे रहा है. इसके साथ राहुल गांधी पर फिर से निशाना साधते हुए कहा कि ये सेलिंग डेटा की बात कर रहे थे, जरा ये सेलिंग डेटा टू जी स्कैम किया था, यूपीए की सरकार में. इसके बारे में उनको बताना चाहिए. स्पैक्ट्रम जो थे वो तो एटीएम बन. गए थे, स्पैक्ट्रम बेच कर वो पैसा कमा रहे थे, आज भी भ्रष्टाचार की जाँच चल रही है. जरा सेलिंग डेटा के बारे में बताएं.

सांसद अग्रवाल ने कहा कि राहुल गांधी को यह बजट समझ में नहीं आया. ये बजट खर्च का बजट नहीं है, निवेश का बजट है. कांग्रेस ने खाली खर्च किया है. यह देश के भविष्य का बजट है. हम उज्जवल वर्तमान को देखते हैं. देश में संभावनाएं थी, पर राहुल गांधी के पास में दिशा नहीं थी, संसाधन थे, पर इनके पास में संकल्प नहीं था, जनसंख्या थी, पर इनके पास योजना नहीं थी. भारत के पास में अवसरों का महासागर था, पर विकास की बूंद-बूंद के लिए भारत तरसता था. कांग्रेस शासन एक लेखक की तरह था, जिसके पास कागज तो थे, पर उनके पास कलम में स्याही नहीं थी, वो क्या लिखते.

राहुल गांधी राजनीति में एक ऐसे कवि हैं, जो भावनाओं की कविता तो लिखते हैं, पर यथार्थ की गद्य भाषा उनको नहीं आती. जो देश को मंजिल दिखाने तो चले हैं, पर स्वयं को रास्ता नहीं मालूम है. सदन में उनको क्या बोलना है, क्या नहीं बोलना है, उनको यह समझ में नहीं आता है. नियम-कायदे-कानून नहीं जानते हैं, अपनी महिला सांसदों को प्रधानमंत्री की कुर्सी तक भेज देते हैं. क्या वह यही नियम-कायदे-कानून जानते हैं, यही अनुशासन जानते हैं, यही लोकतंत्र जानते हैं. और जब उनकी गलतियों को रोकने का काम लोकसभा अध्यक्ष करते हैं, तो उनके खिलाफ विश्वास प्रस्ताव ले आते हैं. मैं इनकी निंदा करता हूँ.

राहुल गांधी के भाषणों में शब्द बहुत है, लेकिन समाधान नहीं है. उन्होंने एक भी योजना नहीं बताई बजट में कि आपको देश के लिए ये करना चाहिए. नेता प्रतिपक्ष को सरकार को सुझाव देना चाहिए की सरकार को क्या-क्या करना चाहिए, उनके पास आरोप बहुत हैं, लेकिन आत्म चिंतन नहीं है, उनके पास में नारे बहुत है, लेकिन उनके पास नीति नहीं है. आज वो प्रश्न को उठाते हैं. अपने खानदान की विफलताओं के बारे में बता दीजिये, आपके खानदान के कितने लोग प्रधानमंत्री रहे 60 साल तक, उस समय देश इतना आगे क्यों नहीं बढ़ा. आज मोदी जी के 11 साल के नेतृत्व में देश आगे क्यों बढ़ रहा है.

राहुल गांधी पर हमला जारी रखते हुए बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि वो गरीबी की बात करते हैं, परन्तु अपने शासन में उसको मिटा नहीं पाए, वो बेरोजगारी पर भाषण देते हैं, पर अपने दौर में उद्योग खड़े नहीं कर पाये, वो भ्रष्टाचार पर बोलते हैं, पर उनकी जो सरकार है, वो घोटालेबाज के प्रयोगशाला बनी रही, 60 वर्षों तक वो सत्ता में रहे, परन्तु उनके बजट में देश पिछड़ता रहा, यह दुर्भाग्य नहीं, एक विफल नेतृत्व का परिणाम है.

आज जब मोदी जी के नेतृत्व में बजट आ रहा है, निर्मला सीतारमण की बजट प्रस्तुत कर रही है, तो आज देश का युवा खुश है, आज देश की महिला खुश है, आज देश के किसान खुश है, आज देश के एसएमई के इंडस्ट्रीज खुश है. कांग्रेस में वंश की छाया रही, विचारों की कमी रही, साहस अनुपस्थित रहा, यह सत्ता की धरोहर वो जनता की सेवा नहीं खाली सत्ता को अपनी धरोहर मान लिया. मोदी के नेतृत्व में बीते 11 वर्षों में देश ने गति पाई है, गौरव पाया है, वैश्विक पहचान बनाई है. आज भारत इस बजट के माध्यम से आत्म निर्भर भारत बन रहा है. आज नया बजट, आत्म विश्वास का प्रणाम है.

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