बलरामपुर. छत्तीसगढ़ के बलरामपुर रामानुजगंज जिले से युवक के किडनैपिंग और फिरौती का सनसनीखेज मामला सामने आया है. युवक को आरोपियों ने धमकी देकर जबरन कार में बैठकर उत्तरप्रदेश के बीजपुर लेकर गए. आरोपियों ने अपहृत युवक के भाई से कॉल पर 3 लाख रुपए की फिरौती मांगी और नहीं देने पर जान से मारने की धमकी दी. पूरा मामला बसंतपुर थाना क्षेत्र का है.
प्रार्थी बृजेश सिंह मरकाम ने 8 अगस्त को थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। जिसमें बताया उसने बताया कि 7 अगस्त को सुबह 10 बजे उसके भाई विजय मरकाम ने मोबाइल से कॉल किया और जानकारी दी कि उसके साथ तीन लोग हैं. इस दौरान अज्ञात शख्स ने मोबाइल छीनकर प्रार्थी से कहा कि तीन लाख रूपये शाम तक लेकर आओं नहीं तो तुम्हारे भाई को नहीं छोड़ेगें और फिर कॉल कट कर दिया. अगले दिन सुबह 9 बजे दोबारा कॉल आया और फिरौती की मांग की गई. विजय लाल मरकाम 6 अगस्त से घर नहीं लौटा था. पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू की.
अपहृत को मोबाइल टावर के पैनल रूम में छिपाकर रखे थे आरोपी
इसके बाद अपहृत के मोबाइल की लोकेशन को लगातार ट्रेस किया जा रहा था. पुलिस को विजय की मोबाइल लोकेशन यूपी के बीजपुर नजर आई. अपहृत युवक को मोबाइल टावर के पैनल रूम में छिपाकर रखा गया था. पुलिस ने अपहृत युवक विजय मरकाम को सुरक्षित बरामद कर लिया. वहीं वारदात में शामिल दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है.
युवक ने बताई किडनैपिंग की पूरी कहानी ?
घटना के संबंध में अपहृत विजय मरकाम ने पुलिस को बताया कि 6 अगस्त को प्रेमनगर चौक पर आरोपियों ने लकड़ी देखकर आते हैं कहकर अपने साथ गाड़ी में बैठने को कहा. इसके बाद वह युवक को जबरन बीजपुर लेकर गए. यहां आरोपी उसे दूसरी कार में बैठकर घुमाते रहे और उसके मोबाइल से प्रार्थी को कॉल कर तीन लाख रूपयें फिरौती की मांग करने लगे. आरोपियों ने कहा कि तुम लकड़ी के तस्करी में मुखबीरी करते हो, जिसे के कारण नुक्सान हुआ है. उसका भरपाई तुम कर दो नही तो तुम्हे जान से मार कर फेंक देंगे.

पुलिस ने यूपी निवासी सद्दाम अंसारी और रोहीत कुमार चौरसिया से पूछताछ की तो उन्होंने जुर्म स्वीकार कर लिया. आरोपियों के कब्जे से वारदात में इस्तेमाल मोबाइल और कार को जब्त किया गया. पुलिस ने आरोपियों को कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया.

