छत्तीसगढ़ सामाजिक-आर्थिक सर्वेक्षण को लेकर राज्य शासन ने सभी तैयारियां पूरी कर ली है. इस कार्य के लिए पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग को नोडल विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई है. पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग मंत्रालय की ओर से सर्वेक्षण को लेकर विस्तृत दिशा-निर्देश भी कलेक्टरों को जारी किए गए हैं.
सामाजिक-आर्थिक सर्वेक्षण का उद्देश्य विगत वर्षाें में शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का जनसामान्य के जीवन स्तर पर पड़े प्रभाव का आंकलन कर, प्राप्त डाटा का भविष्य में योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन तथा नयी योजनाओं के निर्माण के लिए उपयोग किया जाएगा.
इसके अलावा राज्य स्तर पर शासन से सम्बंधित कार्याें के निष्पादन के लिए पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग संयुक्त सचिव अशोक चौबे को नोडल अधिकारी बनाया गया है. सर्वेक्षण के लिए सभी जिलों के कलेक्टर को अपने-अपने जिले का नोडल अधिकारी बनाया गया है.
जिले में निवासरत ग्रामीण परिवारों को सर्वेक्षण कार्य 30 अप्रैल तक पूरा किया जाना है. इसके लिए प्रत्येक ग्राम पंचायत में सर्वे कार्य के लिए एक प्रगणक दल का गठन किया गया है, जिसमें एक पुरुष एवं एक महिला सदस्य शामिल हैं. ऐसी ग्राम पंचायत जहां परिवारों की संख्या अधिक है, वहां एक से अधिक प्रगणक दल सर्वेक्षण कार्य के लिए नियुक्त किए गए है. प्रगणक दलों के कार्याें की मॉनिटरिंग एवं उनको आवश्यक सहयोग प्रदान करने के लिए सुपरवाइजर भी नियुक्त किए गए हैं.