ईरान युद्ध के बीच ट्रंप की बीजिंग यात्रा से पहले चीन का बड़ा बयान, ‘शासन परिवर्तन’ साजिशें बर्दाश्त नहीं

ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव को लेकर चीन ने कड़ा रुख अपनाया है. चीन के विदेश मंत्री ने रविवार को अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की है वो सैन्य कार्रवाई के बजाय कूटनीति का रास्ता अपनाएं. उन्होंने कहा कि ईरान और मिडिल-ईस्ट के मुद्दों को सही तरीके से संभाला जाना चाहिए. विदेश मंत्री ने कहा, ‘क्रांति की साजिश रचना या शासन परिवर्तन (रिजीम चेंज) की कोशिशों को कोई जनसमर्थन नहीं मिलता.’ चीन ने प्रमुख देशों को इस संकट को सुलझाने में मदद करने की सलाह दी. चीनी विदेश मंत्री वांग ई ने सभी पक्षों से बातचीत की मेज पर लौटने और क्षेत्रीय सुरक्षा का सम्मान करने को कहा.

चीन ने ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव को लेकर कूटनीति का रास्ता अपनाने की अपील की है. उन्होंने कहा कि क्रांति की साजिश या ‘रिजीम चेंज’ की कोशिशों को जनसमर्थन नहीं मिलता.

पड़ोसी देशों के साथ डिप्लोमेसी पर बात करते हुए विदेश मंत्री ने कहा कि चीन भविष्य में अपनी कोशिशों को और तेज करने के लिए तैयार है. उन्होंने भरोसा दिलाते हुए कहा, ‘चीन हमेशा क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए एक एंकर (ब्रिज) की तरह है.’

न्यूज एजेंसी के मुताबिक, विदेश मंत्री वांग यी ने कहा कि ईरान और खाड़ी देशों की संप्रभुता और सुरक्षा का हर हाल में सम्मान किया जाना चाहिए. उन्होंने सभी पक्षों से जल्द से जल्द बातचीत की मेज पर लौटने के लिए कहा.

उन्होंने अमेरिका को सलाह दी कि वो चीन के साथ एक ही दिशा में काम करे. उनके मुताबिक, ‘अब दोनों पक्षों को तैयारी करने की जरूरत है, क्योंकि हाई-लेवल का एजेंडा पहले से ही मेज पर है. वांग यी का कहना है कि दोनों पक्षों को बाधाओं को दूर करने की जरूरत है.

विदेश मंत्री वांग यी ने जोर दिया कि चीन और अमेरिका के बीच कोई संवाद न होने से सिर्फ गलतफहमी और ज्यादा संघर्ष पैदा होगा. दोनों देशों के राष्ट्राध्यक्षों ने अच्छे संवाद बनाए रखने के लिए कड़ी मेहनत की है. उन्होंने इस साल को चीन-अमेरिका संबंधों के लिए एक बड़ा साल बताया. अमेरिकी राष्ट्रपति की संभावित चीन यात्रा को लेकर भी वांग यी ने टिप्पणी की. उन्होंने कहा कि चीन का रवैया हमेशा सकारात्मक और खुला रहा है.

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