भिलाई। साइबर धोखाधड़ी के मामलों में उपयोग किए जा रहे बैंक खातों के विरुद्ध दुर्ग साइबर सेल ने विशेष अभियान चलाकर छह खाताधारकों पर कार्रवाई की गई है। जांच में विभिन्न बैंकों के खातों के माध्यम से ठगी की राशि चेक व अन्य बैंकिंग माध्यमों से निकासी किए जाने का खुलासा हुआ है। प्रकरणों में अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना जारी है।
वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में जिले में दर्ज साइबर फ्राड प्रकरणों की समीक्षा के दौरान यह तथ्य सामने आया कि कुछ बैंक खातों में ठगी की राशि प्राप्त कर उसे चेक व अन्य माध्यमों से आहरित किया गया। 11 फरवरी 2026 को गठित विशेष टीम ने अभियान चलाकर छह खाताधारकों को चिन्हित किया और उनसे पूछताछ कर वैधानिक कार्रवाई प्रारंभ की।
जांच में पता चला कि संबंधित खातों के माध्यम से विभिन्न जिलों में दर्ज कुल 26 शिकायतों की राशि का लेन-देन हुआ है। एक खाते में 13 लाख रुपये की संदिग्ध राशि का ट्रांजेक्शन पाया गया।
अन्य प्रकरणों में 15,000 रुपये, 38,800 रुपये से लेकर 50,00,000 रुपये तक की रकम का संदेहास्पद लेन-देन सामने आया है। कुछ मामलों में पूर्व से अपराध दर्ज हैं, जबकि अन्य में नए अपराध क्रमांक दर्ज कर जांच की जा रही है।
कार्रवाई जिला दुर्ग अंतर्गत विभिन्न बैंक शाखाओं एवं संबंधित खाता संचालन स्थलों पर की गई। जिन खाताधारकों के विरुद्ध कार्रवाई की गई, उनमें रूपेश बंजारे, आजेन्द्र साहू, जावेद शेख, सरस्वती निषाद, हेमा बिनानी और अभिषेक गुप्ता शामिल है और सभी दुर्ग के रहने वाले हैं।
पुलिस ने संबंधित बैंक खातों के दस्तावेज, लेन-देन संबंधी अभिलेख, चेक व अन्य बैंकिंग दस्तावेज जप्त किए हैं। इस पूरी कार्रवाई में साइबर सेल दुर्ग के प्रभारी अधिकारी, उप निरीक्षक स्तर के अधिकारियों और तकनीकी टीम की सक्रिय एवं समन्वित भूमिका रही।
दुर्ग पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी प्रकार की साइबर ठगी से संबंधित काल, लिंक या बैंकिंग जानकारी साझा न करें। किसी भी संदिग्ध लेन-देन की सूचना तत्काल साइबर हेल्पलाइन 1930 या निकटतम थाना में दें।

