महाराष्ट्र में धर्मांतरण विरोधी कानून को देवेंद्र सरकार की मंजूरी, जानें क्यों है खास…

Maharashtra Anti Conversion Law: महाराष्ट्र में धर्मांतरण विरोधी कानून (एंटी कन्वर्जन) को देवेंद्र सरकार ने मंजूरी दे दी है। सरकार के इस फैसले के बाद अब जल्द ही इस संबंध में शासन निर्णय (जीआर) जारी किए जाने की तैयारी है। राज्य में लंबे समय से लंबित धर्मांतरण विरोधी कानून को लेकर सरकार ने यह बड़ा फैसला लिया है। यह कानून जबरन, धोखे से या प्रलोभन देकर धर्मांतरण कराने पर गैर-जमानती अपराध मानेगा।

मंत्री नितेश राणे ने कहा कि महाराष्ट्र में लंबे समय से धर्मांतरण विरोधी कानून की मांग की जा रही थी। , यह विधेयक काफी सख्त होगा। राणे ने कहा कि कई हिंदुत्व संगठनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने इस मुद्दे को लेकर वर्षों तक आंदोलन और मोर्चे निकाले थे। उन्हीं मांगों को ध्यान में रखते हुए सरकार ने यह महत्वपूर्ण कदम उठाया है।

उन्होंने बताया कि नए कानून के तहत अगर कोई व्यक्ति जबरन, धोखे से या प्रलोभन देकर धर्मांतरण कराता है तो उसके खिलाफ नॉन-बेलेबल अपराध के तहत मामला दर्ज किया जाएगा। ऐसे मामलों में आरोपियों की गिरफ्तारी संभव होगी और उन्हें आसानी से जमानत नहीं मिल सकेगी। कानून के सभी तकनीकी और कानूनी पहलुओं की विस्तृत जानकारी जल्द ही सार्वजनिक की जाएगी. ताकि आम नागरिकों को इसके प्रावधानों की स्पष्ट समझ मिल सके। मंत्री ने दावा किया कि महाराष्ट्र का प्रस्तावित धर्मांतरण विरोधी कानून अन्य राज्यों की तुलना में अधिक सख्त और प्रभावी होगा।

मध्य प्रदेश और गुजरात में पहले से ये कानून

उन्होंने विशेष रूप से मध्य प्रदेश और गुजरात जैसे राज्यों का जिक्र करते हुए कहा कि वहां लागू कानूनों से भी अधिक कठोर प्रावधान महाराष्ट्र के विधेयक में शामिल किए गए हैं। इस मंजूरी से इतर राज्य सरकार किसानों को बड़ी राहत देने जा रही है।राज्य के कर्जदार किसानों के सिर पर बोझ जल्द ही कम होने वाला है। सरकार जल्द ही कर्ज माफी की घोषणा करने वाली है।

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