ठगी का जाल…पार्ट टाइम जॉब के नाम पर दंपत्ति से 10 लाख की ठगी, केस दर्ज…

 भिलाई। ऑनलाइन फ्रॉड के प्रति अवेयरनेस के बीच शातिर ठग रोज नए-नए तरीकों से ठगी की घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं। डिजिटल अरेस्ट के प्रति अभी लोग जागरूक हो ही रहे हैं और इस बीच पार्ट टाइम जॉब का ऑफर देकर ठगी की जा रही है। ताजा मामले में रिसाली की एक दंपती इस प्रकार पार्ट टाइम जाब के झांसे में आकर 10 लाख से ज्यादा की रकम ठगों को दे बैठा। टेलीग्राम अकाउंट में आए मैसेज से दंपती ठगी का शिकार हो गए। इस मामले में साइबर थाना दुर्ग रेंज में शिकायत की गई है।

जॉब ऑफर के नाम पर ठगी

जॉब ऑफर के नाम पर ठगी की यह घटना मैत्री नगर रिसाली निवासी स्वराज बेनर्जी व उसकी पत्नी प्रिया बेनर्जी के साथ हुई है। स्वराज बेनर्जी ने इस संबंध में शिकायत करते हुए बताया कि 25 जून को उसकी पत्नी प्रिया बेनर्जी के टेलीग्राम आइ पर विधी शर्मा की आइडी से पार्ट टाईम जॉब का मैसेज आया। इसमें कहा गया कि जिसमें यूट्यूब का लिंक भेजेंगे, वीडियो देखकर लाईक एंव कमेंट कर उसका स्क्रीन शॉट लेकर एक अन्य टेलीग्राम आइडी जेमिनी रिसेप्सन-2 भेजना है। ऐसा करने पर विधि शर्मा आइडी से सैलरी कोड एजी-4506 दिया। उक्त सैलरी कोड को हमने जेमीनी रिसेप्शन -2 आइडी में भेजे।

पैसों का लालच देकर किया हाथ साफ

उसके बाद उक्त आईडी में हमें काम समझाया गया और मेरे यूपीआई आईडी में 150 रुपये मिल गए। इस तरह से विश्वास में लेकर हमें बताया गया कि पूरे 32 टास्क पूरे करने हैं। इसके बाद एक टेलीग्राम आइडी में हमें एक लिंक भेजा गया। उस लिंक में जाकर विडियो को लाईक एंव कमेन्ट करके उसका स्क्रीन शॉट लेकर टेलीग्राम आइडी जेमीनी रिसेप्शन-2 में भेजते थे। स्वराज बेनर्जी ने बताया कि उन्होंने उस आइडी में कुल छह टास्क पूरे किए। इसके लिए 1010 रुपये लगाने कहा गया। 1010 रुपये अंजली के भेजे गये यूपीआइ आइडी में डाल दिए।

नया टेलीग्राम आइडी का भेजा लिंक

प्रार्थी के मुताबिक फिर उन्हें एक नया टेलीग्राम आइडी का लिंक भेजा जिसके बाद हम उस दिए गए टेलीग्राम आइडी जेमीनी संदीप में लिंक के माध्यम से जुड़ गए। हमने टास्क कम्पलीट किया। इससे 1500 एवं 4310 रुपये मिले। इसके बाद आइडी के माध्यम से ही 28500 रुपये का फाइन देने कहा गया। कमाई होता देख स्वराज बेनर्जी ने 28,500 रुपये यूपीआइ आइडी में डाल दिए। कुछ समय पर खाता फ्रीज होने का डर दिखाकर उनके द्वारा फिर से 78,888 रुपये की मांग की गई। दंपती ने यह मांग भी पूरी कर दी।

अब तक 10 लाख 60 हजार 912 रुपये की ठगी

इसके बाद कभी क्रेडिट स्कोर कम होने की बात करने लगे। इस तरह लगातार रुपये की डिमांड होने लगी। इससे स्वराज बेनर्जी को लगने लगा कि उसके साथ फ्रॉड हो रहा है। इसके बाद उन्होंने साइबर थाना में जाकर इस संबंध में शिकायत दर्ज कराई। साथ ही उन्होंने कब-कब कितने रुपए ट्रांसफर किए इसकी जानकारी भी साइबर पुलिस को दी है। प्रार्थी ने पुलिस को बताया कि अब तक उसके साथ 10 लाख 60 हजार 912 रुपये की ठगी हो चुकी है। फिलहाल इस मामले में साइबर पुलिस ने अपराध दर्ज कर जांच शुरु कर दी है।

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