टेक्नोलॉजी डेस्क. एलन मस्क की सैटेलाइट इंटरनेट कंपनी Starlink (जो SpaceX की एक सहायक कंपनी है) ने भारत में अपनी टीम बनाना शुरू कर दिया है. कंपनी ने हाल ही में LinkedIn पर कई नई जॉब ओपनिंग्स पोस्ट की हैं, जिनसे यह साफ हो गया है कि Starlink भारत में अपने सैटेलाइट कम्युनिकेशन नेटवर्क की शुरुआत के बहुत करीब है. कंपनी का लक्ष्य है देश के उन इलाकों तक इंटरनेट सेवा पहुंचाना, जहाँ अभी भी हाई-स्पीड इंटरनेट एक सपना है.

Starlink ने भारत में शुरू की हायरिंग
स्टारलिंक ने अपने बेंगलुरु ऑफिस के लिए चार प्रमुख पदों पर भर्ती शुरू की है-
- पेमेंट्स मैनेजर
- अकाउंटिंग मैनेजर
- सीनियर ट्रेजरी एनालिस्ट
- टैक्स मैनेजर
इन सभी जॉब पोस्टिंग्स में साफ तौर पर बताया गया है कि यह Starlink के ग्लोबल एक्सपेंशन प्लान का हिस्सा है. यानी भारत कंपनी के लिए एक बड़ा बाजार बनने जा रहा है.
क्या जिम्मेदारी होगी इन पदों की
पेमेंट्स मैनेजर का काम होगा रोजाना और हफ्तेवार आधार पर पेमेंट सक्सेस रेट, फ्रॉड रेट, और ट्रांजैक्शन डेटा की निगरानी करना.
टैक्स मैनेजर टैक्स डेटा तैयार करेगा और बाहरी ऑडिट या सर्विस प्रोवाइडर्स के साथ समन्वय करेगा. इसके साथ ही, टैक्स पेमेंट्स और कैलकुलेशन की ज़िम्मेदारी भी इसी पद पर होगी.
सीनियर ट्रेजरी एनालिस्ट कंपनी के ग्लोबल फाइनेंशियल स्ट्रक्चर को मजबूत बनाने में मदद करेगा. इन सभी पदों के लिए आवेदन पिछले हफ्ते LinkedIn पर पोस्ट किए गए थे.
भारत में गेटवे स्टेशन तैयार करने की योजना (Starlink India Launch)
कुछ समय पहले आई रिपोर्ट्स के अनुसार, Starlink भारत में अपने गेटवे अर्थ स्टेशन बनाने की तैयारी में है. ये स्टेशन सैटेलाइट और जमीन पर मौजूद रिसीवर्स के बीच डेटा कनेक्शन बनाए रखने का काम करेंगे.
सूत्रों के मुताबिक, कंपनी चंडीगढ़, हैदराबाद, कोलकाता, लखनऊ, मुंबई और नोएडा जैसी जगहों पर ये स्टेशन सेटअप कर सकती है.
शुरुआती चरण में, इन गेटवे स्टेशनों पर केवल भारतीय कर्मचारियों को ही काम करने की अनुमति दी जाएगी. जब तक कि गृह मंत्रालय विदेशी तकनीकी विशेषज्ञों को सुरक्षा मंजूरी नहीं देता.
जुलाई में मिली थी बड़ी मंजूरी
जुलाई 2025 में भारत सरकार के दूरसंचार विभाग (DoT) ने Starlink को देश में सैटेलाइट इंटरनेट सर्विस शुरू करने का लाइसेंस दे दिया था.
इसके बाद, IN-SPACe (Indian National Space Promotion and Authorization Centre) ने पुष्टि की थी कि यह लाइसेंस पांच साल के लिए वैध रहेगा.
यह मंजूरी Reliance Jio Satellite और Eutelsat OneWeb जैसी कंपनियों को भी पहले दी जा चुकी है. अब Starlink के आने से भारत का सैटेलाइट इंटरनेट मार्केट और प्रतिस्पर्धी बन जाएगा.
ग्रामीण भारत में इंटरनेट पहुंचाने का बड़ा लक्ष्य (Starlink India Launch)
Starlink का सबसे बड़ा उद्देश्य भारत के ग्रामीण और दुर्गम इलाकों तक हाई-स्पीड इंटरनेट पहुंचाना है. यह सेवा उन लोगों के लिए वरदान साबित हो सकती है जो अभी तक पारंपरिक इंटरनेट नेटवर्क से दूर हैं.
अगर सब कुछ तय योजना के अनुसार चलता है, तो Starlink अगले कुछ महीनों में भारत में अपनी सैटेलाइट इंटरनेट सर्विस शुरू कर सकती है.

