Supreme Court: सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस अभय एस ओका (Abhay Shreeniwas Oka) एक मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट के रूम के भीतर अनुशासनहीनता को लेकर वकील पर भड़क गए। जस्टिस अभय एस ओका ने कहा कि अगर कोर्ट के भीतर ऐसा ही माहौल रहा तो मैं सारी फाइलें फेंक दूंगा। हम भी हाई कोर्ट में रह चुके हैं। जस्टिस अभय एस ओका के सुनवाई के दौरान इस तरह भड़कने पर वकीलों की हालत खराब हो गई। इसके बाद अपनी-अपनी दलीलें देनी शुरू कर दीं।
जस्टिस अभय एस ओका ने कहा कि कोर्ट के भीतर अनुशासनहीनता देख-देख कर वह तंग आ चुके हैं। उन्होंने कहा कि अब एक नियम बनना चाहिए ताकि एक समय एक ही समय में वकील लगातार बहस न करें।
दरअसल एक मामले की सुनवाई के दौरान कई वकील एक साथ बोलने लगे और अपनी-अपनी दलीलें देनी शुरू कर दीं। कोर्ट का माहौल देखते हुए जस्टिस ओका ने सभी वकीलों से शांत रहने को कहा और बारी-बारी से दलीलें देने की बात कही। इसके बावजूद भी वकील शांत नहीं हुए, जिसपर जस्टिस गुस्सा हो गए।
उन्होंने गुस्से में कहा, “अगर कोर्ट के भीतर ऐसा ही माहौल रहा तो मैं सारी फाइलें फेंक दूंगा। अब एक नियम लागू होने चाहिए कि अगर एक ही समय में वकील लगातार बहस करते रहेंगे तो उनकी फाइलें फेंक देंगे। बार एंड बेंच की रिपोर्ट के मुताबिक जस्टिस एस ओका ने कहा, “इस तरह की अनुशासनहीनता सिर्फ सुप्रीम कोर्ट में देखने को मिलता है। मैं कर्नाटक और बॉम्बे हाई कोर्ट में भी रह चुका हूं, लेकिन वहां इस तरह कभी देखने को नहीं मिला।
अनुशासनहीनता बिलकुल बर्दाश्त नहीं होगा
जस्टिस अभय एस ओका ने कहा कि वह इस तरह की अनुशासनहीनता देख-देख कर तंग आ चुके हैं। उन्होंने कहा, “कोर्ट के भीतर रोज अनुशासनहीनता देखने को मिल रहा है। हम वकीलों ने पूछते रहते हैं कि वे किसके लिए पेश हो रहे हैं, लेकिन वकील कोई जवाब नहीं देते हैं।
पहले भी जता चुके हैं नाराजगी
यह पहला मामला नहीं है जब जस्टिस एस ओका वकीलों पर गुस्सा हुए हों। इससे पहले भी कई मामलों में वकीलों की ओर से झूठे बयान दिए जाने को लेकर उन्होंने नाराजगी जाहिर कर चुके हैं। सितंबर 2024 में जस्टिस एस ओका और जस्टिस ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह की बेंच ने कहा था कि उनके सामने कई ऐसे मामले आए हैं, जिसमें झूठी दलीलें दी गई हैं।