नई दिल्ली। हमारे देश में सरकारी नौकरी का बेहद महत्व है। सभी चाहते हैं कि वे पढ़-लिखकर सरकारी नौकरी पा सकें। लेकिन, अब राजस्थान सरकार की ओर से एक ऐसे योजना शुरू की गई है जिसमें गाय चराने वाले लोगों को भी नौकरी दी जा रही है। राजस्थान राज्य सरकार की ओर से स्टेट में “गांव ग्वाला योजना” शुरू की गई है। इस योजना प्रति 70 गायों पर एक गाय चराने वाली की नियुक्ति की जा रही है और साथ ही उसे ठीक-ठाक वेतन भी दिया जा रहा है।
शिक्षा मंत्री मदन सिंह दिलावर ने की योजना की शुरुआत
गांव ग्वाला योजना को राजस्थान के कोटा जिले की रामगंजमंडी विधानसभा क्षेत्र की चेचट तहसील के खेड़ली गांव से शुरू कर दिया गया है। इस योजना की शुरुआत राज्य के शिक्षा मंत्री मदन सिंह दिलावर द्वारा की गई है। इस दौरान मदन सिंह दिलावर ने 14 गावों के लिए 1-1 ग्वाले को नियुक्त किया और साफा माला पहनाकर उनका सम्मान किया।
क्या है योजना का उद्देश्य
इस योजना का उद्देश्य भारत की प्राचीन गोचारण परंपरा को पुनर्जीवित करने के का है। इसके साथ ही मंत्री ने बयान देते हुए कहा कि गाय का दूध स्फूर्ति और बुद्धि का बढ़ाता है।
कितने ग्वाले होंगे नियुक्त
अभी सरकार की ओर से 70 गायों पर 1 ग्वाले को नियुक्त किया जा रहा है। गायों की संख्या बढ़ने पर गाय चराने वालों की संख्या में भी इजाफा किया जायेगा। नियुक्त हुए ग्वाले गांव की सभी गायों को सुबह गोचर तक ले जाना होगा और गयों को चराकर शाम को घर वापस लाना होगा।
कितना मिलेगा वेतन
इस योजना के तहत नियुक्त हुए ग्वाले को प्रति महीना 10000 रुपये वेतन दिया जायेगा। हालांकि, आपको बता दें कि यह वेतन राज्य सरकार की ओर से नहीं दिया जायेगा बल्कि भामाशाह सहयोग से संचालित यानी कि लोगों द्वारा दान से इकठ्ठा करके दी जाएगी।

