Independence Day 2025: क्यों चुनी गई आजादी के लिए 15 अगस्त की तारीख? जानिए बदलते भारत के पीछे की अनकही कहानी

India Independence Day History: इस बार भारत 15अगस्त को अपना 79वां स्वतंत्रता दिवस धूमधाम से मनाने जा रहा है। इस खास मौके पर देश की राजधानी दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था को अभेद्य बनाने के लिए दिल्ली पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियों ने कड़े इंतजाम किए हैं। लेकिन क्या आप जानते है कि इस विशेष दिन को चुनने के पीछे की कहानी कई ऐतिहासिक, राजनीतिक और प्रतीकात्मक कारणों से जुड़ी है। अगर नहीं, तो चलिए जानते हैं कि 15अगस्त को स्वतंत्रता दिवस क्यों मनाया जाता है और इसका इतिहास व महत्व क्या है।

15 अगस्त 1947 का चयन

भारत की आजादी का संघर्ष लंबा और बलिदानों से भरा रहा। साल 1857की क्रांति से लेकर 1940के दशक तक, भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में असंख्य आंदोलन, जैसे असहयोग आंदोलन, नमक सत्याग्रह और भारत छोड़ो आंदोलन शामिल रहे। वहीं, द्वितीय विश्व युद्ध (1939-1945) के बाद ब्रिटिश साम्राज्य आर्थिक और सैन्य रूप से कमजोर पड़ चुका था, जिसने भारत में उनकी स्थिति को और अस्थिर कर दिया। ब्रिटिश सरकार ने भारत को स्वतंत्रता देने का निर्णय लिया, लेकिन तारीख का चयन कई कारकों पर निर्भर था।

क्यों चुनी गई 15अगस्त की तारीख?

1. दरअसल, 15अगस्त 1947का चयन कोई संयोग नहीं था, बल्कि यह कई ऐतिहासिक और व्यावहारिक कारणों का परिणाम था। साल 1947में लॉर्ड लुई माउंटबेटन को भारत का अंतिम वायसराय नियुक्त किया गया था, जिन्हें भारत को स्वतंत्रता देने और सत्ता हस्तांतरण की प्रक्रिया को पूरा करने का जिम्मा सौंपा गया था।

2. ब्रिटिश सरकार ने जून 1948तक भारत को स्वतंत्रता देने की घोषणा की थी, लेकिन माउंटबेटन ने इस समयसीमा को 15अगस्त 1947तक कम कर दिया। इसका कारण देश में बढ़ती सांप्रदायिक हिंसा और प्रशासनिक अस्थिरता को जल्द से जल्द नियंत्रित करने की आवश्यकता थी।

3. इसके अलावा माउंटबेटन ने 15अगस्त को इसलिए चुना क्योंकि यह तारीख उनके लिए व्यक्तिगत रूप से भी महत्वपूर्ण थी। 15अगस्त 1945को जापान ने द्वितीय विश्व युद्ध में आत्मसमर्पण किया था और माउंटबेटन उस समय दक्षिण-पूर्व एशिया में मित्र देशों के कमांडर थे, इसे एक प्रतीकात्मक संयोग मानते थे।

4. साल 1947तक भारत में सत्ता हस्तांतरण के लिए आवश्यक प्रशासनिक ढांचा तैयार हो चुका था। जिसके बाद भारतीय संविधान सभा का गठन हो चुका था और सत्ता के हस्तांतरण के लिए भारत और पाकिस्तान के बीच बंटवारे की प्रक्रिया शुरू हो गई थी।

5. रेडक्लिफ रेखा, जो भारत और पाकिस्तान के बीच सीमा निर्धारित करती थी, को अंतिम रूप देने में समय लग रहा था। माउंटबेटन ने महसूस किया कि देरी से स्थिति और बिगड़ सकती थी, इसलिए 15अगस्त को एक व्यावहारिक तारीख के रूप में चुना गया।

6. इसके अलावा अगस्त का महीना भारत में मानसून का समय होता है, जो नई शुरुआत और उर्वरता का प्रतीक है। जिस वजह से यह तारीख एक नए युग की शुरुआत के लिए उपयुक्त मानी गई। जिसके बाद 15 अगस्त को स्वतंत्रता की घोषणा ने भारतीय जनमानस में एकता और उत्साह का संचार किया।

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