पश्चिम एशिया में युद्ध छिड़ने के 34वें दिन ईरान ने भारत को लेकर बहुत बड़ा संदेश दिया है। उसने अमेरिका और उसके राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से साफ शब्दों में कह दिया है कि होर्मुज जलडमरुमध्य में क्या होगा, इसका फैसला ईरान और ओमान करेंगे न कि कोई और। ईरान ने यह भी कहा है कि उसके भारतीय दोस्त सुरक्षित हाथों में हैं और उनको लेकर किसी को कोई चिंता करने की जरूरत नहीं है। इस समय ईरान में और फारस की खाड़ी में सैकड़ों भारतीय नागरिक मौजूद हैं.
ईरान ने कहा है कि उसके भारतीय दोस्त सुरक्षित हैं और उनको लेकर चिंता की कोई बात नहीं है। होर्मुज जलडमरुमध्य को लेकर ईरान का कहना है कि वह उसके नियंत्रण में है और उसपर कोई भी फैसला वह और ओमान ही लेंगे।
भारत में ईरानी दूतावास ने अपने एक्स हैंडल पर दक्षिण अफ्रीका में ईरानी दूतावास के एक पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है- हमारे भारतीय मित्र सुरक्षित हाथों में हैं। चिंता की कोई बात नहीं है।
ईरानी दूतावासों की ओर से इस तरह की टिप्पणियां ईरान के इस्लामिक रिवॉल्यूशनरी गार्ड कोर के उस बयान के बाद आया है, जिसमें कहा गया है कि होर्मुज जलडमरुमध्य ‘पूर्ण रूप से निर्णायक नियंत्रण’ में है। आईआरजीसी के मुताबिक होर्मुज जलडमरुमध्य ‘दृढ़ता और प्रभुत्व’ के साथ हमारे नौ सैनिकों के नियंत्रण में है और किसी भी दबाव और समझौते में दुश्नमनों के लिए नहीं खोला जाएगा।
ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने भी ट्रंप के ईरानी लीडरशिप की ओर से सीजफायर की मांग वाले दावों को खारिज करते हुए कहा कि होर्मुज जलडमरुमध्य का भविष्य सिर्फ और सिर्फ ईरान और ओमान तय करेंगे।
इस बीच भारत में ईरान के सर्वोच्च नेता के प्रतिनिधि अब्दुल मजीद हकीम इलाही ने भारत को ‘निष्ठा और मानवता’ की धरती बताया है। न्यूज एजेंसी एएनआई के अनुसार उन्होंने बुधवार को लखनऊ में दिवंगत अयातुल्ला अली खामेनेई के शोक में शामिल होने के लिए भारतीयों का आभार जताया।
हालांकि, इस भरोसे वाले संदेश के साथ ईरान ने आंख मारने वाली इमोजी का भी इस्तेमाल किया है। जबकि, दक्षिण अफ्रीका के ईरानी दूतावास के पोस्ट पर लिखा गया है, ‘होर्मुज जलडमरुमध्य का भविष्य सिर्फ ईरान और ओमान तय करेंगे। आप सुरक्षित हाथों में हैं, चिंता की बात नहीं है।’ इसके साथ काले चश्में वाली मुस्कुराती हुई इमोजी लगी है।








