शराबखोरी और फसल की बर्बादी का विवाद
पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, आरोपी प्रदीप खलखो ने अपने खेत में टमाटर की फसल लगाई थी। फसल की रखवाली का जिम्मा उसने अपने पिता लल्लू खलखो को सौंपा था। 6 अप्रैल को जब प्रदीप खेत पहुंचा, तो उसने देखा कि मवेशियों ने टमाटर की फसल को भारी नुकसान पहुंचाया है। जांच में पता चला कि पिता लल्लू खलखो ने दिन भर शराब का सेवन किया था और नशे में होने के कारण उन्होंने फसल की सुरक्षा की ओर ध्यान नहीं दिया।
पुरानी रंजिश और आक्रोश
यह पहली बार नहीं था जब लापरवाही के कारण नुकसान हुआ हो। इससे पहले भी प्रदीप ने चने की फसल लगाई थी, जिसे पिता की अनदेखी के चलते मवेशियों ने चर लिया था। बार-बार हो रहे आर्थिक नुकसान और पिता की शराबखोरी की आदत से प्रदीप बेहद गुस्से में था। 6 अप्रैल की शाम इसी बात को लेकर दोनों के बीच विवाद हुआ।
मारपीट के बाद हुई मौत
गुस्से में आपा खोते हुए प्रदीप ने अपने पिता के साथ लात, मुक्के और डंडे से जमकर मारपीट की। हमले के बाद जब लल्लू खलखो बेहोश हो गए, तो प्रदीप उन्हें अस्पताल ले जाने के बजाय घर के अंदर ले जाकर सुला दिया। शरीर के अंदरूनी हिस्सों, विशेषकर सीने और हाथ-पैर में गंभीर चोट लगने के कारण लल्लू खलखो ने दम तोड़ दिया।
पुलिस कार्रवाई और खुलासा
7 अप्रैल को घटना की सूचना मिलने पर पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा। रिपोर्ट में चोटों के कारण हत्या की पुष्टि होने के बाद पुलिस ने संदेह के आधार पर प्रदीप खलखो को हिरासत में लिया। कड़ाई से पूछताछ करने पर प्रदीप ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया और न्यायालय के आदेश पर जेल भेज दिया है।


