Mallikarjun Kharge Attack On PM Modi: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने पीएम नरेंद्र मोदी पर विवादित टिप्पणी की है। कर्नाटक के कलबुर्गी में एक कार्यक्रम के दौरान मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि पीएम मोदी डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) के गुलाम बनकर रह गए हैं। खरगे ने आरोप लगाया कि भारत की विदेश नीति और व्यापार नीतियां अब अमेरिका के दबाव में चल रही हैं, जिससे देश और खासकर किसानों को नुकसान हो सकता है।
एआईसीसी अध्यक्ष ने कहा कि अमेरिका हमारे साथ अन्याय कर रहा है। वह हमें कहता है कि हम दूसरे देशों से जाकर तेल या पेट्रोल न खरीदें। क्या हम ऐसा मान लेंगे? क्या वह (मोदी) कहेंगे कि नहीं, हम अपना फैसला खुद लेंगे? ट्रंप ने हमें तेल खरीदने के लिए 30 दिन का समय दिया है। यह 30 दिन किसने दिए? अमेरिका ने ट्रंप ने। वह एक तानाशाह हैं और मोदी उनके गुलाम हैं।
कांग्रेस अध्यक्ष ने पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव का जिक्र करते हुए कहा कि किसी भी देश के नेता की हत्या से दुनिया में शांति नहीं रह सकती। उन्होंने कहा कि अगर अली खामेनेई जैसे नेताओं को निशाना बनाया जाता है तो इससे अंतरराष्ट्रीय कानून और वैश्विक स्थिरता पर गंभीर असर पड़ता है। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका का रवैया अहंकारी है और वह कई मामलों में अंतरराष्ट्रीय नियमों का उल्लंघन कर रहा है।
एपस्टीन फाइल्स के जरिए मोदी पर दबाव बना रहे ट्रंप
अपने भाषण में खरगे ने यह भी दावा किया कि ट्रंप, तथाकथित एपस्टीन फाइल्स के जरिए मोदी पर दबाव बना रहे हैं। हालांकि भारत सरकार पहले ही इन आरोपों को खारिज कर चुकी है और कहा है कि इन फाइलों में प्रधानमंत्री का नाम होने का दावा बेबुनियाद और आपत्तिजनक है।
महात्मा गांधी और इंदिरा गांधी का जिक्र कर क्या बोले खरगे
खरगे ने कहा कि कांग्रेस ने अंग्रेजों के खिलाफ लड़ाई लड़ी थी और उन्हें भारत से बाहर निकाल दिया था। महात्मा गांधी ने अपने प्राणों की आहुति दी, गोलियां चलीं और लोग शहीद हुए। हमने बड़ी कुर्बानियों के बाद आजादी हासिल की थी और आज आपने उसी देश को फिर से गुलामी की ओर धकेल दिया है। मल्लिकार्जुन खरगे ने पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी का उदाहरण देते हुए कहा कि 1971 में जब पाकिस्तान से युद्ध हुआ था, तब उन्होंने अमेरिका के दबाव की परवाह किए बिना फैसला लिया और बांग्लादेश के निर्माण में भूमिका निभाई। खरगे ने सवाल उठाया कि आज की सरकार में वैसी हिम्मत क्यों नहीं दिखती।

