रायपुर। राजधानी के राजेंद्रनगर थाना क्षेत्र में एक शातिर मां-बेटे ने ‘अंग्रेजों के जमाने’ का हार बताकर एक व्यक्ति को ठग लिया। मां-बेटे ने नकली सोने का हार बेचते हुए ढाई लाख रुपये की ठगी कर ली। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी रजेश प्रजापति और उसकी मां के खिलाफ भारतीय अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार, शिकायतकर्ता महेश कानस्कर, निवासी अवंती विहार, ने पुलिस को बताया कि 18 जनवरी को पचपेड़ी नाका के पास उसकी मुलाकात राजेश प्रजापति से हुई। बातचीत के दौरान आरोपी ने खुद को दिहाड़ी मजदूर बताया और कहा कि खुदाई के दौरान उसे अंग्रेजों के जमाने के चांदी के पुराने सिक्के और एक भारी सोने का हार मिला है।
राजेश ने पहले कुछ पुराने सिक्के दिखाकर विश्वास जीता और फिर सोने का हार बेचने का प्रस्ताव रखा। उसने बाजार कीमत से काफी कम दाम में हार देने की बात कही, जिससे पीड़ित लालच में आ गया। कुछ दिनों बाद राजेश अपनी मां के साथ दोबारा मिला।
आरोपी ने हार की एक-दो छोटी कड़ियां तोड़कर जांच (टेस्टिंग) कराने की बात कही। सराफा बाजार में कराई गई शुरुआती जांच में वह हिस्सा असली सोना निकला। इससे पीड़ित को भरोसा हो गया कि पूरा हार असली है।
पूरा तांबे का बना था हार
आरोपियों ने कहा कि उन्हें पैसों की जरूरत है, इसलिए वे पूरा हार सस्ते में बेच रहे हैं। पांच फरवरी को पचपेड़ी नाका के पास तय मुलाकात में पीड़ित ने 2 लाख 50 हजार रुपये नकद दे दिए और हार ले लिया। कुछ दिन बाद जब पीड़ित ने हार की बाकी लड़ियां सराफा बाजार में जांच कराईं तो पता चला कि पूरा हार तांबे का बना है और केवल ऊपर से सोने की परत चढ़ाई गई है।

