

Mahashivratri 2026: महाशिवरात्रि का पर्व इस बार 16 फरवरी 2026 को मनाया जा रहा है। इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह हुआ था। ऐसे में इस दिन लोग भगवान शिव और माता पार्वती की विशेष पूजा करते हैं। अगर आपको महाशिवरात्रि की असली रौनक देखनी है तो भारत में ऐसी कई जगहें हैं जहां आप जा सकती हैं।
महादेव के भक्तों के लिए महाशिवरात्रि का पर्व बहुत खास होता है। इस बार 16 फरवरी को महाशिवरात्रि मनाई जाएगी। इस दिन लोग भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करते हैं और मनचाही इच्छा पाने की कामना करते हैं। कुछ लोग घर पर रहकर ही पूजा पाठ या अनुष्ठान करते हैं, तो कुछ लोग धार्मिक यात्रा करते हैं। इस दौरान धार्मिक जगहों की राैनक देखने लायक होती है।
ऐसे में अगर आप भी महाशिवरात्रि पर कहीं बाहर जाने की प्लानिंग कर रही हैं ताे हम आपकाे कुछ ऐसी जगहों के बारे में बता रहे हैं जहां पर शिव भक्ति का असली रंग देखने को मिलता है। आइए उन जगहों के बारे में जानते हैं विस्तार से –
-1770283891464.jpg)
वाराणसी, उत्तर प्रदेश
वाराणसी को भगवान शिव की प्रिय नगरी कहा जाता है। यहां पर काशी विश्वनाथ मंदिर में भक्तों की भारी भीड़ जुटती है। महाशिवरात्रि पर तो यहां की रौनक देखने लायक होती है। इसके अलावा नागा साधू और अखाड़ों के संत भव्य शोभायात्रा निकालते हैं, जिससे माहौल एकदम शिवमय हो जाता है। साथ ही यहां कई जगहों पर जागरण का आयोजन किया जाता है, जहां भक्तों की भीड़ देखने को मिलती है।
हरिद्वार, उत्तराखंड
उत्तराखंड के हरिद्वार में भी महाशिवरात्रि पर भक्तों का सैलाब उमड़ पड़ता है। हर की पौड़ी पर शाही स्नान करने के लिए दूर’-दराज से लोग आते हैं। अखाड़ों के साधुओं का संगम और भक्तों का उत्साह तो देखते ही बनता है। यहां पर भी रात भर शिव भक्ति देखने को मिलती है। ऐसे में यहां जाना एक अच्छा ऑप्शन हाे सकता है।
-1770283902539.jpg)
उज्जैन, मध्य प्रदेश
मध्य प्रदेश के उज्जैन को तो महाकाल की नगरी कहा जाता है। यहां महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग में विशेष पूजा, तांत्रिक अनुष्ठान, और देर रात तक चलने वाले जागरण देखने लायक होते हैं। ये शहर खासकर तांत्रिक और आध्यात्मिक साधना के लिए जाना जाता है। महाशिवरात्रि पर तो यहां का नजारा देखने को मिलता है।
तो अगर आप भी महाशिवरात्रि पर कहीं घूमने जाने की सोच रही हैं तो ये तीन जगहें आपके लिए बेस्ट हो सकती हैं। यहां शिव भक्ति देखते ही बनती है। इस मौके पर दूर-दराज से लोग दर्शन के लिए आते हैं।
