राजनांदगांव (दैनिक पहुना)। शहर दक्षिण ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष व दिगंबर जैन समाज के सचिव सूर्यकांत जैन ने केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि भारतीय कृषि एवं खाद्य श्रृंखला में गांव प्रजाति के पशुओं और मछली के अपशिष्ट को घुसाने का षड्यंत्र रचा जा रहा है। उनका कहना है कि यह निर्णय जैन और हिंदू समाज की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला है। श्री जैन ने कहा कि केंद्र में बैठी भाजपा सरकार के मुखिया प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शाकाहार के विरुद्ध केंद्रीय कृषि मंत्रालय द्वारा जारी गजट नोटिफिकेशन के जरिए करोड़ों शाकाहारी लोगों के मौलिक अधिकारों का हनन किया है।
उन्होंने कहा कि हाल ही में 13 अगस्त 2025 को आपके मंत्रालय द्वारा FCO (Fertilizer Control Order) 1985 में संशोधन करते हुए गजट नोटिफिकेशन जारी किया गया। इसमें ऐसे प्रावधान जोड़े गए हैं जिनके तहत अब बायो-स्टिमुलेंट में पशु-आधारित अमीनो एसिड (Animal Source Amino Acid) को वैध कर दिया गया है। गजट नोटिफिकेशन के आइटम नंबर 26 के अनुसार मछलियों के मांस और खाल से निकाले गए प्रोटीन हाइड्रोलाईजेट को आलू की फसलों में फर्टिलाइजर के रूप में उपयोग करने की अनुशंसा है। वहीं आइटम नंबर 30 के अनुसार गौ-जातीय (Bovine) पशुओं के मांस और चमड़े से प्राप्त प्रोटीन हाइड्रोलाईजेट को टमाटर की फसलों में फर्टिलाइजर के रूप में उपयोग करने की अनुमति दी गई है।
सूर्यकांत जैन ने कहा कि यह सीधी विडंबना है कि आलू और टमाटर जैसी सब्जियां, जिन्हें शाकाहारी समाज भरपूर मात्रा में उपयोग करता है अब मांसाहारी तत्वों से उत्पादित होंगी। उन्होंने सवाल किया कि क्या आपकी अंतरात्मा ने इतना बड़ा गलत निर्णय लेने में आपको धिक्कारा नहीं? जबकि फर्टिलाइजर के लिए आवश्यक अमीनो एसिड प्राकृतिक रूप से पौधों, दलहन, सोयाबीन, समुद्री शैवाल आदि से भी प्राप्त किए जा सकते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कृषि मंत्रालय ने कत्लखानों और चमड़ा घरों से निकली गंदगी (हड्डियां, खून, चमड़ा, आंतरिक अवशेष आदि) से बने उत्पादों को कृषि उत्पादन में उपयोग करने की मंजूरी देकर न केवल शाकाहारी समाज की भावनाओं को आहत किया है बल्कि भारतीय कृषि एवं खाद्य श्रृंखला में गौ-जातीय पशुओं के वेस्ट को घुसाने का षड्यंत्र भी किया है।
सूर्यकांत जैन ने आगे कहा कि स्लॉटर हाउस और मीट इंडस्ट्री के पास प्रतिदिन लाखों टन वेस्ट बचता है और अब इस वेस्ट को बायो-स्टिमुलेंट के नाम पर फर्टिलाइज़र में खपाने का रास्ता सरकार ने खोल दिया है। इसका सीधा लाभ स्लॉटर हाउस लॉबी को मिलेगा। उन्होंने यह भी कहा कि संभवतः इस निर्णय के पीछे राजनीतिक चंदे और मीट लॉबी की मिलीभगत है। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह निर्णय करोड़ों शाकाहारी लोगों की धार्मिक आस्था और जीवनशैली के अधिकार (अनुच्छेद 21) का उल्लंघन है। इसलिए यह आदेश हिंदू और जैन समाज के लिए पूरी तरह अस्वीकार्य है। मांग रखी गई कि कृषि और खाद्य सुरक्षा में स्लॉटर हाउस वेस्ट का प्रयोग पूरी तरह प्रतिबंधित किया जाए। जारी गजट नोटिफिकेशन को तत्काल वापस लिया जाए। सूर्यकांत जैन ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने इस निर्णय को वापस नहीं लिया तो समाज को इसके विरोध में जन आंदोलन करने के लिए बाध्य होना पड़ेगा।

