बिलासपुर। पचपेड़ी क्षेत्र के मुकुंदपुर गांव में एक शादी समारोह के बाद अचानक 40 लोगों की तबीयत बिगड़ गई। कार्यक्रम में शामिल हुए लोगों को उल्टी और कमजोरी की शिकायत होने लगी, जिसके बाद उन्हें मस्तूरी और पामगढ़ के सरकारी अस्पतालों में भर्ती कराया गया। उपचार के बाद सभी मरीजों की स्थिति फिलहाल स्थिर बताई जा रही है।
शादी कार्यक्रम के बाद हुई घटना
मुकुंदपुर गांव निवासी मंगलु पैकरा के घर बेटी की शादी का कार्यक्रम चल रहा था। शनिवार को घर में हरदियाही का आयोजन किया गया था। कार्यक्रम के बाद परिवार के सदस्य और मोहल्ले के कुछ लोग वहीं पर भोजन कर रात में सोने चले गए।
रविवार सुबह नाश्ता करने के बाद रात के कार्यक्रम में शामिल कई लोगों की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी। घर की महिलाएं, बच्चे और पुरुष सदस्य एक-एक कर उल्टियां करने लगे और अस्वस्थ महसूस करने लगे।
अस्पताल में भर्ती कर शुरू किया गया इलाज
लोगों की तबीयत बिगड़ने की जानकारी मिलते ही गांव के सरपंच और अन्य ग्रामीणों को सूचना दी गई। इसके बाद बीमार लोगों को निजी वाहनों के माध्यम से तुरंत पामगढ़ के अस्पताल पहुंचाया गया।
वहीं 35 लोगों को मस्तूरी स्थित स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों ने तुरंत उपचार शुरू किया। इलाज के बाद सभी मरीजों की हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।
ग्रामीणों ने दिखाई तत्परता
गांव के सरपंच नरेश पटेल ने बताया कि जैसे ही शादी घर में लोगों के बीमार होने की सूचना मिली, मोहल्ले के लोगों ने तुरंत मदद की। स्वास्थ्य विभाग को भी तत्काल जानकारी दी गई। इसके बाद एंबुलेंस और निजी वाहनों की मदद से मरीजों को अस्पताल पहुंचाया गया।
अस्पताल में मची अफरा-तफरी
मुकुंदपुर गांव में एक साथ करीब 40 लोगों की तबीयत बिगड़ने से मस्तूरी स्वास्थ्य केंद्र में अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। एक साथ 35 मरीजों के पहुंचने से अस्पताल में बेड कम पड़ गए।
अस्पताल स्टाफ ने इसकी सूचना बीएमओ अनिल कुमार को दी और तत्काल इलाज शुरू किया। बेड की कमी के कारण कुछ मरीजों को एक ही बेड पर दो से तीन लोगों को सुलाकर उपचार दिया गया।

