डिजिटल डेस्क। पाकिस्तान में गुरुवार को पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 50 प्रतिशत से अधिक की भारी बढ़ोतरी (Petrol Diesel Price Hike) की गई है। एक महीने से भी कम समय में यह दूसरी बड़ी वृद्धि है, जिससे आम लोगों पर महंगाई का बोझ और बढ़ने की आशंका है। इस फैसले के पीछे मध्य पूर्व में जारी संघर्ष के चलते वैश्विक तेल कीमतों में आई तेज उछाल को मुख्य वजह बताया गया है।
ईंधन की कीमतों में रिकॉर्ड बढ़ोतरी
सरकार द्वारा जारी नई दरों के अनुसार डीजल की कीमत 55 प्रतिशत से ज्यादा बढ़ाकर 520.35 रुपये प्रति लीटर कर दी गई है। वहीं पेट्रोल की कीमत में भी लगभग 55 प्रतिशत की वृद्धि करते हुए इसे 458.40 रुपये प्रति लीटर तक पहुंचा दिया गया है। इस बढ़ोतरी ने आम उपभोक्ताओं और परिवहन क्षेत्र पर सीधा असर डाला है।
वैश्विक बाजार में तेल की कीमतों में उछाल
गुरुवार को अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई। अमेरिकी तेल की कीमतों में 11 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि हुई, जबकि ब्रेंट क्रूड की कीमतें 7 प्रतिशत से ज्यादा बढ़ गईं। यह उछाल उस बयान के बाद आया, जिसमें अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सैन्य अभियानों को और तेज करने की बात कही थी।
युद्ध का असर और सरकार का पक्ष
पाकिस्तान के पेट्रोलियम मंत्री अली परवेज मलिक ने वित्त मंत्री मुहम्मद औरंगजेब के साथ संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि अमेरिका-ईरान युद्ध के बाद अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार अस्थिर हो गया है। उन्होंने बताया कि इसी वजह से ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी करना जरूरी हो गया था। इससे पहले भी पिछले महीने सरकार ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में लगभग 20 प्रतिशत की वृद्धि की थी।
महंगाई बढ़ने की आशंका
इस फैसले का सीधा असर आम जनता पर पड़ने की संभावना है, खासकर गरीब और मध्यम वर्ग पर। पाकिस्तान मुख्य रूप से सऊदी अरब और यूएई से होर्मुज स्ट्रेट के जरिए तेल आयात करता है, जिससे वैश्विक संकट का असर घरेलू बाजार पर तेजी से पड़ता है।
सब्सिडी पर सरकार का फैसला
वित्त मंत्री मुहम्मद औरंगजेब ने छोटे किसानों, मोटरसाइकिल चालकों और परिवहन क्षेत्र को राहत देने के लिए कुछ सब्सिडी की घोषणा की। हालांकि, अली परवेज मलिक ने स्पष्ट किया कि पिछले तीन हफ्तों में 129 अरब पाकिस्तानी रुपये की सब्सिडी दी जा चुकी है, लेकिन मौजूदा हालात में इसे जारी रखना संभव नहीं है।


