रायपुर। सुकमा वनमंडल में हुए 7 करोड़ के तेंदूपत्ता बोनस घोटाला मामले में ईओडब्ल्यू (राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो) ने गुरुवार को बड़ी कार्रवाई की है। ईओडब्ल्यू ने मामले में चार वनकर्मियों समेत 11 लोगों को गिरफ्तार किया है। इससे पहले तत्कालीन वनमंडलाधिकारी और प्रबंध संचालक वनमंडल सुकमा अशोक कुमार पटेल की गिरफ्तारी की गई थी।
ईओडब्ल्यू के अधिकारियों ने बताया कि वनमंडल सुकमा के डीएफओ अशोक कुमार पटेल ने लोकसेवक के पद पर पदस्थ रहते हुए अपने पद का दुरूपयोग कर तेंदूपत्ता बोनस घोटाले को अंजाम दिया था। आरोप है कि वन विभाग के अधिकारियाें, वनमंडल से संबंधित विभिन्न प्राथमिक लघुवनोपज समिति के प्रबंधकों, पोषक अधिकारियों के साथ मिलकर वर्ष 2021-2022 सीजन के तेंदूपत्ता प्रोत्साहन पारिश्रमिक करीब 7 करोड़ रुपये संग्राहकों में वितरित करने के बजाए आपस में बांट लिया था।
इसके साथ ही आरोपी अधिकारियों ने कुछ रकम अपने खास लोगों के पास जमा कराया था। शिकायत मिलने पर जांच के बाद आठ अप्रैल को मामले में धारा. 409, 120 बी का अपराध कायम कर 17 अप्रैल को सुकमा के तत्कालीन डीएफओ अशोक कुमार पटेल की पहली गिरफ्तारी की थी।
इन 11 लोगों की हुई गिरफ्तारी
वहीं इस पूरे मामले में ईओडब्ल्यू की ओर से आगे की कार्रवाई भी की जा रही है। जांच में तेंदूपत्ता बोनस घोटाले में तीन उप वनक्षेत्रपाल, एक वनरक्षक समेत समिति प्रबंधकों की संलिप्ता पाई गई थी। इसके आधार पर गुरुवार को वनकर्मी चैतूराम बघेल, देवनाथ भारद्वाज, पोड़ियामी इड़िमा (हिडमा), मनीष कुमार बारसे को गिरफ्तार किया गया है।
इसके साथ ही मामले में 7 समिति प्रबंधकों को भी गिरफ्तार किया गया है। जिनमें पायम सत्यनारायण उर्फ शत्रु, मोहम्मद शरीफ, सीएच रमना (चिट्टूरी),सुनील नुप्पो, रवि कुमार गुप्ता, आयतू कोरसा और मनोज कवासी को गिरफ्तार कर लिया गया। आगे की कार्रवाई की जा रही है।