कलेक्ट्रेट में जहर पीने वाले होमगार्ड की हालत गंभीर, साथी जवान धरने पर….

कोरबा। बर्खास्त किए जाने से व्यथित होकर कलेक्ट्रेट में आत्महत्या की कोशिश करने वाले एक नगर सैनिक (होमगार्ड) संतोष पटेल को गहन उपचार के लिए रायपुर रिफर कर दिया गया है। वहीं दूसरी ओर नाराज सहकर्मी नगर सैनिक मंगलवार को काम बंद कर धरने पर बैठ गए हैं।

आंदोलनरत नगर सैनिकों का आरोप है कि लगातार प्रताड़ना की शिकायतों के बाद भी जिला सेनानी अनुज टोप्पो के खिलाफ कार्रवाई नहीं की जा रही।

गणतंत्र दिवस के दिन कलेक्ट्रेट परिसर में जहर पीकर आत्महत्या करने की कोशिश की। नगर सैनिक संतोष पटेल, 46 वर्ष ने की थी। उसके पास मिले सुसाइड नोट में संभागीय सेनानी नर्सिंग नेताम व जिला सेनानी अनुज एक्का पर प्रताड़ित किए जाने का आरोप लगाया है। 24 घंटे गुजर जाने के बाद भी दोषी अधिकारियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं किए जाने से यहां तैनात नगर सैनिकों में असंतोष फैल गया है।

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सुबह 11 से नगर सैनिक राजगामार रोड स्थित जिला सेनानी कार्यालय वर्दी में पहुंचने लगे। करीब 12:30 काम बंद का ऐलान करते हुए कार्यालय परिसर में ही नगर सैनिक धरने पर बैठ गए। जिला नगर सेनानी का तबादला करो, दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई हो व बर्खास्त संतोष को बहाल कर पुनः तैनात किया जाए की मांगों की तख्तियां हाथ में लेकर नगर सैनिकों ने जमकर नारेबाजी की। इस आंदोलन में महिला नगर सैनिकों ने भी भागीदारी निभाई।

यह बताना होगा कि संभागीय सेनानी के समक्ष सम्मेलन के दौरान जिला नगर सेनानी अनुज एक्का पर 50 हजार रुपये की रिश्वत लेकर पुनर्नामांकन (हर वर्ष सेवा अवधि को आगे बढ़ाए जाने वाली प्रक्रिया) किए जाने का गंभीर आरोप लगाया था।

बाद में जांच के बाद इस झूठी शिकायत कार दे दिया गया। वहीं संतोष के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उसे बर्खास्त कर दिया गया। इसके बाद से वह व्यथित था और 26 जनवरी को सुबह आठ बजे कलेक्ट्रेट परिसर में कीटनाशक दवा का सेवन आत्महत्या करने की गरज से कर लिया।

बूढ़े माता-पिता की जवाबदारी, कोई दूसरा रास्ता नहीं

अस्पताल में दाखिल कराए गए नगर सैनिक संतोष की जेब से एक सुसाइड नोट मिला है। इसमें उल्लेख है कि संभागीय सेनानी नर्सिंग नेताम व जिला नगर सेनानी अनुज एक्का ने साजिश पूर्वक उसे बर्खास्त किया है। अपनी मजबूरी दर्शाते हुए कहा है कि उसके तीन बच्चे हैं बूढ़े माता-पिता की भी जवाबदारी है।उसके सामने रोजी-रोटी का संकट आ खड़ा हुआ है और अब उसके पास जान देने के अलावा कोई दूसरा रास्ता नहीं बचा है।

लगातार विरोध फिर भी अब तक कोई कार्रवाई नहीं

जिला नगर सेनानी अनुज एक्का पर न केवल संतोष बल्कि अन्य नगर सैनिक भी अभद्रता करने का आप पहले भी लगा चुके हैं। महिला नगर सैनिकों ने भी अश्लील बातें करने का गंभीर आरोप लगाया था। सवाल यह उठता है कि इन सब विवादों के बाद भी आखिर ऐसी क्या वजह है कि अब तक जिला सेनानी अधिकारी को बदला नहीं गया है।

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