पीएम मोदी ने आज बुधवार (18 मार्च) को राज्यसभा सांसदों के लिए फेयरबल स्पीच दी. राज्यसभा में प्रधानमंत्री मोदी ने वरिष्ठ सांसदों को भावुक विदाई देते हुए कहा कि देवगौड़ा, खड़गे, शरद पवार जैसे नेताओं का अनुभव नए सांसदों के लिए सीख है. इस दौरान पीएम मोदी ने कहा कि राजनीति ऐसा फील्ड है जहां कभी फुल स्टॉप नहीं होता. उन्होंने उपसभापति हरिवंश की कार्यशैली की सराहना की और कहा कि सदन में अनुभव व नई ऊर्जा का यह आदान-प्रदान लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत करता है. राज्यसभा में बुधवार को पीएम मोदी ने रिटायर हो रहे 59 सांसदों के लिए विदाई भाषण दिया। उन्होंने कहा, इस सदन में जो भी सदस्य विदाई ले रहे हैं। कुछ सदस्य ऐसे हैं, जिनको सदन के दरम्यान ही विदाई मिल रही है। ये जाने वाले माननीय सदस्यों का योगदान है।
राज्यसभा में जिन सदस्यों का कार्यकाल खत्म हो रहा है उन पर धन्यवाद भाषण के दौरान पीएम मोदी ने कहा कि आदरणीय देवेगौड़ा, मल्लिकार्जुन खरगे जी, शरद पवार जी ऐसे वरिष्ठ लोग हैं, जिनकी आधी उम्र संसदीय कार्य प्रणाली में गई है. हमें इनसे सीखना चाहिए. समाज में जो जिम्मेदारी मिली है, उसके प्रति समर्पित रहना.
पीएम मोदी ने भाषण के दौरान विपक्ष के कई सांसदों की जमकर तारीफ की. कांग्रेस अध्यक्ष खरगे और दिग्गज नेता शरद पवार का जिक्र कर उन्होंने कहा कि मैं उनके योगदान की सराहना करूंगा. इतना लंबा कार्यकाल छोटा नहीं होता. उसी प्रकार से उप सभापति हरिवंश जी भी विदाई ले रहे हैं.
राज्यसभा के चेयरमैन सीपी राधाकृष्णन ने चेयर से कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा, विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे और डिप्टी चेयरमैन हरिवंश समेत 25 राज्यों के 59 सदस्य कार्यकाल पूरा कर रहे हैं.
राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि कहां से शुरू करें, यह समझ नहीं आता. विदाई के जिक्र से ही दिल भर आता है. राजनीति में रहने वाले लोग कभी रिटायर्ड भी नहीं होते, टायर्ड भी नहीं होते.
खड़गे ने कहा- “विदाई तो है दस्तूर जमाने का पुराना, अपनी छाप कुछ ऐसे छोड़ जाना कि हर कोई गाए तुम्हारा तराना।” मैं सबसे पहले देवगौड़ाजी का उल्लेख करना चाहूंगा। मुझे पता नहीं कि क्या हुआ उनको क्या हुआ मुहूर्त हमारे साथ देखा, लेकिन शादी मोदीजी के साथ की। शरद पवार दोबारा इस सदन में आएंगे।
उपसभापति हरिवंश ने कहा कि सभापति जी आपने बोलने का मौका दिया। पीएम और सभापति जी आपने जो मेरे लिए शब्द कहे, वह मेरे जीवन का अमिट स्मृति है। मैं हर किसी के शब्दों से खुद को जोड़ता हूं।
पीएम मोदी ने कहा, हमारे उपसभापति हरिवंशजी को लंबे समय तक इस सदन में जिम्मेदारी निभाने का मौका मिला। मृदुभाषी हैं। संकट के समय काम उनके ही जिम्मे आता है कि आप संभाल लेना जरा।

