जबलपुर। सुप्रीम कोर्ट ने एक आदेश के जरिए छत्तीसगढ़ के ओबीसी आरक्षण विषयक प्रकरण भी मध्य प्रदेश हाई कोर्ट में सुनवाई के लिए भेज दिए हैं। इससे पूर्व सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन मप्र के मामले वापस भेजे गए थे।
उसी मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट में एक रिव्यू याचिका दायर की गई थी। वरिष्ठ अधिवक्ता रामेश्वर सिंह ठाकुर का कहना था कि कुछ संशोधन की मांग को लेकर यह पुनरीक्षण याचिका दायर की गई है।
जबलपुर हाई कोर्ट से सुप्रीम कोर्ट हुए थे ट्रांसफर
दरअसल, मध्य प्रदेश शासन द्वारा ओबीसी आरक्षण के समस्त प्रकरणों को जबलपुर हाई कोर्ट से सुप्रीम कोर्ट ट्रांसफर कराया गया था। सुप्रीम कोर्ट में उन सभी मामलों की सुनवाई छत्तीसगढ़ राज्य के आरक्षण के प्रकरणों के साथ हो रही थी।
वरिष्ठ अधिवक्ता ने बताया कि विगत 19 फरवरी को सुप्रीम कोर्ट ने विस्तृत आदेश पारित कर मप्र के मामलों के साथ छत्तीसगढ़ राज्य के मामलों को भी मप्र हाई कोर्ट ट्रांसफर कर दिया गया है।
विशेष अनुमति याचिकाओं की वापसी और कानूनी पेच
इसके अलावा विशेष अनुमति याचिकाएं भी वापस कर दी गई हैं। उनका कहना है कि सुप्रीम कोर्ट में दायर एसएलपी में संबंधित हाई कोर्ट का आदेश निरस्त किए बिना वापस नहीं भेजा जा सकता। इसलिए संशोधन के लिए यह रिव्यू याचिका दायर की गई।

